बहराइच। परसेंडी में स्थित गोशाला में जिंदा मवेशियों को दफनाने के मामले में शासन सख्त हो गया है। शासन के मुख्य सचिव ने पत्र जारी करते हुए गोवंश की मौत पर अंत्येष्टि कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मवेशियों का अंकन रजिस्टर पर प्रतिदिन करने की बात कही है। मुख्य सचिव के पत्र के बाद जिले के 67 गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण कराया गया है। हालांकि कहीं से भी किसी तरह की कमी की बात सामने नहीं आई है।
कैसरगंज विकास खंड के परसेंडी में गो आश्रय स्थल संचालित है। यहां पर बंधे मवेशियों की हालत काफी दयनीय थी। इसकी जानकारी लेने के लिए हिंदू संगठनों के लोग पहुंचे। सभी ने मवेशियों की हालत का वीडियो बनाया। जिसमें जिंदा मवेशियों को दफनाने और मृत मवेशियों की अंत्येष्टि न करने की जानकारी हुई। अधिकारियों को वीडियो भेजा गया। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया था। जबकि बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है। बहराइच की घटना को लेकर शासन भी सख्त हो गया है।
शासन के सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है। जिसमें कुछ स्थानों पर अव्यवस्था को लेकर चेताया गया है। सचिव का कहना है कि मृत हुए गोवंश का अंत्येष्टि कराई जाए। साथ ही रजिस्टर में मवेशियों की संख्या अंकित की जाए। इसके अलावा पशुओं का इलाज, चारा और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बलवंत सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव के पत्र के बाद जिले के 67 गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण कराया गया है। हालांकि कहीं से भी किसी तरह की कमी की बात सामने नहीं आई है।