पुलिस ने मनीषा उर्फ मिनी की हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतका की भाभी और भाई को गिरफ्तार किया है। उन दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। हालांकि अभी शातिर भाभी के प्रेमी की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
शव लेकर जाती बागपत पुलिस
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हत्या में प्रयुक्त कार बरामद
नोएडा के सदरपुर गांव के पूर्व प्रधान की पोती मनीषा उर्फ मिनी की हत्या में इस्तेमाल की गई कार को बरामद कर लिया गया। बताया गया कि मिनी की हत्या करने के बाद बागपत में सिसाना गांव के श्मशान घाट के समीप बृहस्पतिवार सुबह सूटकेस में बंद कर एक युवती का शव जला दिया गया था। वहीं, अधजला शव मिलने के बाद चौकीदार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। इसमें मृतका की पहचान मनीषा उर्फ मिनी निवासी सदरपुर नोएडा के रूप में हुई थी।
मनीषा का फाइल फोटो दाएं
- फोटो : मनीषा का फाइल फोटो दाएं
भाभी के प्रेम-प्रसंग का विरोध करती थी मनीषा
पुलिस के अनुसार, मृतका मनीषा उर्फ मिनी की भाभी शिखा का पवन निवासी सिसाना के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसका पता मनीषा उर्फ मिनी को चल गया था। इसके बाद मनीषा ने गुपचुप तरीके से अपनी भाभी शिखा के फोन से वीडियो और चैट निकालकर अपने परिवार वालों को दिखाई थी। इसके बाद से मनीषा और उसकी भाभी के बीच अनबन रहने लगी थी।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मनीषा की हत्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी के लालच में की गई थी। मनीषा और उसके भाई मनीष उर्फ विवेक चौहान के नाम करीब चार करोड़ रुपये की प्रोपर्टी है। उस प्रॉपर्टी को तभी बेचा जा सकता था, जब कागजों पर दोनों के हस्ताक्षर होते। मनीष के बार-बार कहने के बाद भी मनीषा प्रॉपर्टी के कागजों पर हस्ताक्षर नहीं करती थी और प्रॉपर्टी बेचने का विरोध करती थी। इसको लेकर मनीषा के भाई मनीष उर्फ विवेक ने अपनी पत्नी शिखा और पत्नी के प्रेमी पवन निवासी सिसाना के साथ मिलकर हत्या कर दी।
72 घंटे में खुलासा करने वाली टीम को इनाम मिला
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने सिसाना गांव के जंगल में युवती का शव जलाया जाने की घटना का खुलासा करने के लिए चार टीमों को लगाया था। इसका 72 घंटे में खुलासा होने पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
बागपत में सूटकेस में जलती मिली युवती की लाश।
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एक घंटे के लिए गाड़ी मांगकर लाया था पवन
पुलिस के अनुसार, हत्यारोपी शिखा का प्रेमी पवन का मनीषा के घर आना जाना हो गया था, जो शिखा का मौसेरा भाई बनकर उसकी ससुराल में करीब 15 दिन रहा था। मनीषा की हत्या की साजिश रची जाने के बाद पवन ने सोनीपत जिले के भैरा बांकीपुर गांव के एक रिश्तेदार की गाड़ी एक घंटे के लिए मांगी। बताया कि एक घंटा बीतने के बाद भी पवन गाड़ी लेकर नहीं आया और फिर पवन ने फोन बंद कर लिया। बाद में दो नवंबर की सुबह गाड़ी वापस लौटाई।
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