खेड़ा हटाना के रहने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र आर्य बताते हैं कि चौधरी चरण सिंह भले ही 1937 से लगातार 1977 तक छपरौली सीट से जीतकर विधायक बनते रहे हो। मगर, उनको कभी चुनाव में प्रचार की जरूरत नहीं पड़ती थी और वह कभी चुनाव में पैसा भी खर्च नहीं करते थे। एक चुनाव में बड़ा शराब कारोबारी चौधरी चरण सिंह के पास पहुंचा और उनको मोटा चंदा देने की पेशकश की।
चौधरी चरण सिंह ने उनसे कारोबार के बारे में पूछा। बताया कि उनका शराब का कारोबार है। यह सुनते ही चौधरी चरण सिंह ने कहा कि वह उनसे चंदा नहीं लेंगे और चंदा ही नहीं, उनसे किसी भी तरह की मदद भी नहीं लेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस शराब के वह खिलाफ रहते हैं, अगर उसका कारोबार करने वालों से मदद लेंगे तो युवा पीढ़ी को नशे से कैसे दूर रखा जाएगा। चौधरी चरण सिंह चुनावों में शराब बांटना तो दूर, शराब से जुड़े लोगों से मदद तक लेने को तैयार नहीं होते थे।