बागपत। चीनी मिलों पर किसानों के पिछले और वर्तमान पेराई सत्र के 276 करोड़ रुपये बकाया हैं। सख्ती के बावजूद पिछले पेराई सत्र का 122 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। यह स्थिति तब है जब हाईकोर्ट के 15 दिन में भुगतान करने के आदेश है। चीनी मिलों की इस मनमानी से किसान परेशान है।
वर्तमान पेराई सत्र में जिले के किसान मलकपुर, रमाला और बागपत चीनी मिल को 83.94 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति कर चुके हैं। अभी तक चीनी मिलों ने किसानों को नियमानुसार भुगतान नहीं किया है। हाईकोर्ट ने प्रत्येक 15 दिन बाद भुगतान का आदेश जारी किया था। लेकिन वर्तमान पेराई सत्र की बात करें तो किसानों को अभी तक सिर्फ 24 फीसदी भुगतान ही मिल सका है। चीनी मिलों पर 154 करोड़ 28 लाख रुपये किसानों के बकाया है। पिछले पेराई सत्र के तीनों चीनी मिलों पर 122 करोड़ रुपये बकाया हैं। पिछले पेराई सत्र का सबसे ज्यादा बकाया भुगतान मलकपुर चीनी मिल पर है।
डीसीओ अनिल कुमार का कहना है कि भुगतान के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। जल्द से जल्द पिछले सत्र का पूरा भुगतान करा दिया जाएगा। वर्तमान सत्र के भुगतान में भी तेजी लाई जाएगी।
सहकारी मिलों पर भी पिछले सत्र का बकाया
बागपत। सहकारी क्षेत्र की रमाला और बागपत चीनी मिल पर भी पिछले पेराई सत्र का बकाया चला आ रहा है। बागपत चीनी मिल पर 35 करोड़ 73 लाख और रमाला चीनी मिल पर 15 करोड़ 72 लाख रुपये बकाया हैं।
वर्तमान पेराई सत्र के बकाया की स्थिति
चीनी मिल बकाया
मलकपुर 12887.59 लाख
बागपत 497.89 लाख
रमाला 2043.09 लाख
किसने क्या कहा
- बसपा जिलाध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद बाबू का कहना है कि सरकार प्रत्येक मुद्दे पर कानून और कोर्ट के आदेशों की बात करती है। मगर, किसानों के मुद्दे पर हाईकोर्ट के आदेशों का पालन क्यों नहीं करती। नियमानुसार किसानों का भुगतान दिया जाएं। जहां समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, वहां पर ब्याज दिलाया जाएं।
- सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि भाजपा सरकार किसानों के मुद्दे पर फेल हो गई है। किसान परेशान हैं। पुराने पेराई सत्र का बकाया भुगतान अब तक क्यों नहीं दिया गया। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। किसान अब सरकार की चाल को समझ चुके हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर का कहना है कि किसानों को भुगतान दिलाने के लिए सरकार प्राथमिकता से कार्य कर रही है। मिलों पर दबाव बनाकर सरकार ने वर्तमान पेराई सत्र का काफी भुगतान कराया है।
- रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना का कहना है कि सरकार की नीति और नियत में फर्क है। बकाया भुगतान अगर किसानों को मिले तो बाजार में भी उछाल आएगा। सरकार को चाहिए कि जो मिलें भुगतान नहीं कर रही हैं, उन पर कार्रवाई करें।
- कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ यूनुस चौधरी का कहना है कि सरकार किसानों का भुगतान कराने में नाकाम साबित हुई है। किसान देश की रीढ़ है। निर्धारित समय पर भुगतान होना चाहिए।