- शुक्रवार रात को शुरू हुई बारिश शनिवार को दिन में भी होती रही, 70 एमएम बारिश हुई
- निकासी नहीं होने पर लोगों के घरों तक घुसा पानी, झेलनी पड़ी परेशानी
- बारिश में कई जगह मकान गिरे तो बिजली के खंभे गिरने पर आपूर्ति भी ठप रही
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में शुक्रवार की रात शुरू हुई झमाझम बारिश शनिवार को भी दिन भर होती रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मुताबिक करीब 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस बारिश से शहर से लेकर गांवों तक जलभराव हो गया। पानी की निकासी नहीं होने से रास्तों पर भर गया और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। दर्जनों मकान गिर गए और ग्रामीण क्षेत्रों में खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति ठप रही। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने उनको ठीक कराया तो उसके बाद ही आपूर्ति सुचारु हो सकी।
बारिश के कारण बागपत में माता कालोनी, मुगलपुरा, चौहनान मोहल्ला, भजन विहार कालोनी, बड़ौत रोड, मेरठ रोड, आर्य नगर, कोर्ट रोड पर पानी भर गया। बागपत के कई मोहल्लों में दो फुट तक का पानी भर गया और वहां से शनिवार दोपहर बाद तक पानी की निकासी हुई। इसके अलावा सिसाना गांव के अंदर सभी रास्तों पर पानी भर गया और घरों के अंदर भी पानी घुस गया। खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में बारिश के कारण मोमीन का मकान गिर गया। इनके अलावा पीडब्ल्यूडी कार्यालय, कलक्ट्रेट, कृषि कार्यालय, जिला अस्पताल में भी पानी भर गया।
तालाब ओवरफ्लो होने से घरों में घुसा पानी
अमीनगर सराय। बिलोचपुरा गांव में बारिश से तालाब ओवरफ्लो होने से पानी रास्तों पर आ गया और लोगों के घरों में पानी घुस गया। घरों में रखे समान गेहूं, चावल, अन्य खाद्य सामग्री भी पानी के कारण खराब हो गई। बिलोचपुरा में 27 लोगों के घरों में पानी भरने से भारी नुकसान हुआ है। इसमें सतबीर, श्रीचंद, दीपचंद, इंदरपाल, देवेंद्र, भोपाल, राकेश, धर्मबीर, राजू, कल्लू, बिजेंदर, बबलू आदि है। बारिश के कारण पूठड गांव में खुशीराम पुत्र टीकाराम का मकान गिर गया। उस समय परिवार के लोग वहां मौजूद रही थे। हिसावदा गाव में भी तालाब का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अंडरपास में भरा पानी, कई गांवों का संपर्क कटा
अग्रवाल मंडी टटीरी। जैन कॉलोनी, रेलवे स्टेशन कॉलोनी, मंडी, देशवाल पट्टी, भरबानिया पट्टी, आर्य समाज रोड आदि सहित पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। पानी लोगों के घरों में घुसने के कारण ज्यादा परेशानी हुई। कस्बे के बली रेलवे फाटक पर बनाए गए अंडर पास में पानी भरने से करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क शहर से कट गया। इस मार्ग से बली, निबाली, पदड़ा, चोपड़ा, पुट्ठी, गाधी, सूजरा, क्यामपुर, गठीना आदि गांवों का आवागमन बंद हो गया। बली रेलवे फाटक पर बने अंडरपास को लेकर ब्राह्मण पुट्ठी व बली के ग्रामीण कई बार रेलवे विभाग को प्रदर्शन कर ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
सिंगौली तगा व रटौल में मकान गिरे
चांदीनगर। सिंगौली तगा निवासी दिनेश पाल पुत्र हरचंद का मकान शनिवार को बारिश के कारण भरभराकर गिर गया। रटौल निवासी खलील पुत्र निजामु का मकान भी भरभराकर गिर गया। इन दोनों जगह कोई हताहत नहीं हुआ। भगौट, पूरनपुर नवादा व खट्टा प्रलाहदपुर गांव में तेज बारिश के चलते तालाब ओवरफ्लो हो गया और उसका दूषित पानी सड़क पर आने के साथ ही घरों में घुस गया। पूरनपुर नवादा के लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान राज सिंह, अमित, ललित, पवन शर्मा, कालीचरण शर्मा, पदम शर्मा, समाज सेवी सुमित आदि मौजूद रहे। वहीं लहचौड़ा में खेतों में तीन फुट तक पानी भर गया, जिससे फसलों को नुकसान की बात किसान कह रहे है।
दिव्यांग महिला के मकान की छत गिरी, बेटा घायल
दोघट। गैडबरा गांव में बारिश के कारण दिव्यांग महिला बीना के मकान की छत गिर गई। मलबे के नीचे बेटा सागर दब गया। उसके शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने सागर को बाहर निकाला। मलबे के नीचे दबने से वह घायल हो गया और उसका गांव के चिकित्सक के यहां उपचार कराया गया। पीड़ित महिला बीना ने बताया कि उसके पति नानक की चार वर्ष पूर्व मौत हो गई। उसने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। इसके अलावा रहतना गांव में एक मकान गिर गया। मलबे में खाद्य सामग्री व घरेलू कीमती सामान नष्ट हो गया। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण रहतना गांव में प्रमोद, योगेंद्र, सोनू पुत्र पाले के मकान की दीवार गिर गई।