खेकड़ा। बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए मिशन इंद्रधनुष का प्रथम चक्र शुरू हुआ। इसमें छूटे बच्चों को तलाश कर जानलेवा बीमारियों से बचाव के टीके लगाए गए।
कोरोना संक्रमण के कारण स्वास्थ्य विभाग का नौनिहालों के स्वास्थ्य से जुड़ा मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम शुरू नहीं हो पा रहा था। सोमवार को अभियान का प्रथम चक्र शुरू हुआ। इसमें दूसरा चक्र चार अप्रैल व तीसरा चक्र दो मई से होगा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर ने बताया कि हर बच्चे को 12 जानलेवा बीमारियों टीबी, काली खांसी, खसरा, रूबैला, टाइफाइड आदि से बचाने के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत टीके लगाए जाने हैं। अभियान की सफलता के लिए चिह्नित सत्र स्थल खेकड़ा नगर, गांव काठा, सुन्हैड़ा, सांकरौद और रटौल में शून्य से दो वर्ष के 210 छूटे हुए बच्चों और 60 गर्भवती महिलाओं को प्रतिरक्षित किया गया। कार्यक्रम में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। एडरा इंडिया के प्रचार रथ के माध्यम से टीकाकरण की जागरूकता के लिए गांव-गांव प्रचार किया गया। इस दौरान डॉ. सतीश कुमार, बीपीएम रूपेंद्र शर्मा, बीसीपीएम शशिबाला, डीईओ सचिन शर्मा, आईओ पुष्पा पटेल, बीएमसी शमशाद अली, कुसुमपाल, राजेश, शकुंतला, सविता, सोनू, आरती, बीना, सपना, कौशल, आशा, ज्योति आदि स्वास्थकर्मी मौजूद रहे।