यूक्रेन से भारत वापसी के लिए बागपत की छात्रा हंगरी सीमा पर माइनस पांच डिग्री सेल्सियस ठंड में पूरा दिन खड़ी रही तो कोई रोमानिया बॉर्डर पर काफी परेशान होकर एयरपोर्ट पहुंची। प्रशासन बागपत जनपद के 16 छात्रों एवं नागरिकों की सूची तैयार करके सरकार को भेज चुका है। ये यूक्रेन व आसपास में फंसे हुए हैं। उन सभी को भारत लाने के लिए सरकार से परिजन मांग कर रहे हैं।
बागपत में मेरठ रोड निवासी ओमवीर ढाका की पुत्री अनुष्का रविवार देर शाम हंगरी सीमा पर पहुंच गईं। उन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी गई है। वह कड़ाके की ठंड में सोमवार देर शाम तक भी वहां खड़ी थीं। अनुष्का ही अकेली नहीं बल्कि वहां सैकड़ों भारतीय छात्र हैं। अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी अटल वर्मा के पुत्र सागर ने बताया कि खारकीव में खाने-पीने के सामान के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है। दूध व पानी के लिए कई घंटे तक लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। वहां से कोई व्यवस्था होने पर वे भारत के लिए रवाना होंगे।
रोमानिया बॉर्डर पर मारपीट कर मोबाइल तोड़े
बड़ौत में तहसील के सामने रहने वाले अमरीश तोमर की पुत्री साक्षी भी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई थीं। साक्षी के पिता अमरीश व मां संगीता ने बताया कि सोमवार दोपहर बेटी ने वीडियो कॉल करके बताया कि यूक्रेन में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। उसे बुखार हो गया था, लेकिन उसके बाद भी वह किसी तरह रोमानिया के एयरपोर्ट तक पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर छात्रों से मारपीट की जा रही है। इतना ही नहीं वीडियो बनाने पर मोबाइल तोड़ देते हैं।
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