फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदहाल सडक़ें, जनता परेशान, नहीं कोई सुनवाई

विज्ञापन
जर्जर हालत में जोनमाना-मलकपुर मार्ग - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
बागपत। जिले में अधिकतर सडक़ें बदहाल हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। हालांकि यहां अति व्यस्त 13 सडक़ों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। इनसे 50 से ज्यादा गांवों के लोग जुड़े हैं। इसलिए सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह को लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजना पड़ा। जिसमें इन सडक़ों को नया बनाने व मरम्मत कराने के लिए कहा है।
विज्ञापन

जिले में संपर्क मार्गों की हालत खराब है। कस्बों से गांवों को जोड़ने वाले मार्गों के अतिरिक्त गांवों को शुगर मिल से जोड़ने वाले मार्ग उखड़ चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी हालत सुधारने में रुचि नहीं ले रहे हैं। समस्या झेल रहे लोग लोक निर्माण विभाग कार्यालय के चक्कर काटकर थक चुके है। इस बाबत सांसद ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन गोकर्ण को निम्न सडक़ों की हालत सुधारे जाने के लिए पत्र भेजा है।
-बागपत चीनी मिल में मुख्य प्रबंधक के आवास से कर्मचारी कॉलोनी होते हुए शिव मंदिर तक डेढ़ किमी की सडक़ का निर्माण।
-सिंघावली अहीर में बागपत-मेरठ रोड से चकबंदी बाबा मंदिर तक तीन किमी सडक़ का निर्माण।
-डूंडाहेड़ा पुलिस चेकपोस्ट से खेकड़ा नगर पालिका तक बाईपास रोड का तीन किमी निर्माण।
-बड़ागांव स्थित जैन मंदिर से पांची गांव स्थित बेरी बाग तक साढ़े तीन किमी सडक़ का निर्माण।
-बड़ागांव स्थित मनसा देवी मंदिर से सैदपुर कलां गांव तक तीन किमी सडक़ का निर्माण।
-बड़ौत कोताना रोड स्थित बन्नी वाले बाग से पॉलीटेक्निककॉलेज होते हुए कोताना तक तीन किमी सडक़ निर्माण।
-जोनमाना गांव से मलकपुर तक खास की पटरी पर दो किमी सडक़ का निर्माण।
-बिजरौल से रेलवे स्टेशन होते हुए बावली गांव तक संपर्क मार्ग पर दो किमी का निर्माण।
-बावली गांव से जिमाना तक संपर्क मार्ग की तीन किमी सडक़ का निर्माण।
-नंगला से शबगा गांव तक साढ़े तीन किमी सडक़ का निर्माण।
-रठौड़ा गांव से मुकंदपुर मार्ग से आर्य समाज मंदिर होते हुए सतपाल के खेत तक ढाई किमी सडक़ निर्माण।
-कमाला से चिरचिटा गांव तक साढ़े चार किमी सडक़ निर्माण।
-मतानत नगर से मवीकलां गांव तक संपर्क मार्ग की तीन किमी सडक़ निर्माण।
प्रत्येक सडक़ से पांच गांव तक जुड़े
जिले के इन 13 संपर्क मार्गों से 50 से ज्यादा गांव जुड़े हैं। इन मार्गों के सहारे कस्बों से अधिकतर गांव जुड़े हैं। इनके अतिरिक्त शुगर मिल तक जाने के लिए इन संपर्क मार्गों का इस्तेमाल होता है। जोनमाना से मलकपुर तक पटरी पर बनी सडक़ मलकपुर शुगर तक मिल जाती है। इसलिए बावली, बरवाला, सिनौली, शेरपुर, नांगल के किसान इससे शुगर मिल आते हैं। यह सड़क तीन साल से टूटी है। खेकड़ा कस्बे से डूंडाहेड़ा तक संपर्क मार्ग से हसनपुर मसूरी, डूंडाहेड़ा, सुभानपुर, पूरनपुर, अब्दुलपुर, नानू आदि गांव जुड़े हैं। ये मार्ग बनने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन

सड़कें जल्द बनाई जाएं
खेकड़ा के सोनू चौहान व नितिन जैन कहते हैं कि नगर क्षेत्र को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से जोड़ने वाला डूंडाहेड़ा संपर्क मार्ग है। इससे दिल्ली से खेकड़ा की दूरी चार किमी कम हो जाती है। इस मार्ग पर अनाज मंडी, सब्जी मंडी, फायर स्टेशन है। दो साल से सडक़ की हालत बहुत खराब है। वहीं, जोनमाना गांव के देशपाल व नगेंद्र कहते हैं कि जोनमाना से मलकपुर पटरी पर बनी सडक़ तीन साल से टूटी है। इन्हें जल्द बनाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें