फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रठौड़ा में मकान की छत गिरी, मलबे में दबकर दो घायल

विज्ञापन
रठौड़ा में मकान की छत गिरने से घायल हुई नसरिना को एंबुलेंस तक लेकर जाते परिजन - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
सूचना के डेढ़ घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, ग्रामीणों में रोष
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। रठौडा गांव में बुधवार सुबह मकान की छत गिर गई, जिससे मलबे में दबकर दो लड़कियां घायल हो गई। आस-पास के लोगों ने घायलों को मलबे से निकलवाया। लोगों ने घायलों को अस्पताल में भर्ती करने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। लोगों का कहना है कि सूचना के डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस गांव पहुंची और परिजनों ने घायलों को छपरौली सीएचसी में भर्ती कराया।
रठौड़ा निवासी खालिदा अपने परिवार के साथ घर में सोया हुआ था। बगल के कमरे में उसकी दो बेटियां नसरीन (16) व सीमा (8) सोई हुई थी। सुबह करीब तीन बजे कमरे छत भरभरा कर गिर गई। इसके मलबे में दोनों लड़कियां मलबे के नीचे दब गई। आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने मशक्कत कर घायलों को मलबे से निकाला। मलबे में दबने ने नसरीन गंभीर रूप से घायल हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि फोन करने के बावजूद डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची और घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। एंबुलेंस की देरी से आने पर ग्रामीणों में रोष है।
विज्ञापन

सात साल से लापता है बच्चियों को पिता
प्रधान साजिद ने बताया कि खालिदा के पति मेहंदी हसन सात साल से लापता है। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसका सुराग नहीं लगा सकी है। खालिदा ही मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करती है।
विज्ञापन

पांच साल पहले पात्रों की सूची में नाम आने पर भी मकान नहीं बना
ग्राम प्रधान साजिद ने बताया कि पांच साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान बनाए जाने वालों की लिस्ट जारी की गई थी। इस लिस्ट में पत्नी खालिदा के अलावा पांच अन्य लोगों के नाम दर्ज थे। इसके बाद भी आज तक मकान बनाने के लिए किस्त जारी नहीं की गई है। गांव में एक भी मकान का निर्माण नहीं हुआ है। खंड विकास अधिकारी संदीप पाल का कहना है कि पात्र लोगों की लिस्ट जांच के उपरांत शासन को भेजी जाती है और शासन स्तर से किस्त जारी होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें