बड़ौत। शाम होते ही बड़ौत डिपो की रोडवेज बसों के पहिए थम जाते हैं। बड़ौत से दिल्ली के लिए भी बसें नहीं मिलती हैं। इस कारण मजबूरी में यात्रियों को या तो अपने निजी वाहनों से गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ता है।
विभागीय रिकार्ड के अनुसार बड़ौत डिपो के पास 113 निगम और 46 बसें अनुबंधित हैं। अधिकांश बसों की सेवा केवल दिन के समय ही मिलती है। शाम होते ही बसों के पहिये थम जाते हैं। इस कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कतें दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को होती है। बागपत से दिल्ली मात्र 50 किमी दूर है। बहुत से लोग दिल्ली में नौकरियां करते हैं, लेकिन शाम के समय उन्हें परिवहन सेवाओं से वंचित रहना पड़ता है।
सुनील, अनिल, प्रमोद, दीपक व धर्मेंद्र आदि का कहना है कि शाम के समय बड़ौत डिपो की बसें दिल्ली की ओर नहीं जाती हैं। इस कारण सहारनपुर डिपो की बसें ही दिल्ली जाने का एकमात्र साधन है। वहीं शिकायत के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं देते। इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए।
-डग्गामार वाहनों की चांदी
शाम के समय दिल्ली की ओर जाने के लिए रोडवेज बसें नहीं मिलने के चलते लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में डग्गामार वाहन चालक दोगुना किराया यात्रियों से वसूलते हैं।
वर्जन
इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है, फिलहाल 25 बसों का संचालन दिल्ली की ओर किया जा रहा है। अन्य बसों का संचालन जल्द किया।- प्रमोद कुमार, बस संचालन प्रभारी बड़ौत डिपो।