मिल चुकी हैं तमाम प्राचीन संपदाएं
यहां से मिले पुरा अवशेषों में मानव बस्ती के प्रमाण, ईंटों की दीवार, महिला का कंकाल जिसके कानों में सोने के जेवर थे, शाही ताबूत, युद्ध रथ, मिट्टी की भट्ठी, धनुष, मृदभांड, तांबे की तलवार, मनके, कंकाल आदि मिल चुके हैं। ग्रामीण ब्रजपाल और सामाजिक कार्यकर्ता विपिन पूनिया ने बताया कि मंदिर लगभग 1500 साल पुराना है। पहले भी इस मंदिर में खुदाई के दौरान नंदी, गणेश की प्राचीन मूर्तियां मिल चुकी हैं। बताया कि यहां पहले यमुना बहती थी और प्राचीन युग में यहां के अवशेष जमीन में दफन हैं।
ये बोले एएसआई दिल्ली के निदेशक
इस संबंध में एएसआई दिल्ली के संयुक्त महानिदेशक डॉ. संजय मुंजल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह के शिवलिंग में सबसे नीचे ब्रह्म भाग, उसके बाद विष्णु भाग और सबसे ऊपर शिव भाग होता है। चतुर्भुज ब्रह्म भाग होता है, अष्टभुज विष्णु भाग और सबसे ऊपर शिव भाग होता है। जो फोटो प्राप्त हुए हैं, उनमें अष्टभुज शिवलिंग में सबसे ऊपर नाग भी बना हुआ है। शिवलिंग कितना पुराना है, यह जांच का विषय है।