एसडीएम दुर्गेश मिश्र और सीओ ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। सूचना पर पुलिस भी लुहारी गांव पहुंच गई। परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिया कि वे कोई कार्रवाई और पोस्टमार्टम नहीं चाहते हैं। इसके बाद पुलिस लौट गई। गमगीन माहौल में शवों को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। गांव में दो बच्चों की मौत पर कोहराम मचा हुआ है। मृतक मुकीम कक्षा छह में पढ़ता था। उसके तीन भाई और दो बहन हैं। पिता हारून मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता है। ग्रामीणों ने गरीब परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
बकरी चराने आया किशोर यमुना में डूबा
गौतमबुद्धनगर के भट्ठा पारसौल गांव का मूल निवासी यूसुफ अपने परिवार के साथ बागपत की माता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। यूसुफ सब्जी बेचकर परिवार का पालन पोषण करता है। उसका बेटा सुहैल (17) बुधवार को बकरी चराने के लिए यमुना के पास गया था। सुहैल यमुना में हाथ-पैर धोने लगा तो उसका पैर फिसल गया और वह यमुना में डूब गया। यह देखकर वहां मछली पकड़ रहे मछुआरों ने शोर मचा दिया। सूचना पर पुलिस गोताखोर इरफान की टीम को लेकर पहुंची और यमुना में तलाश शुरू कराई। कोतवाली के कार्यवाहक प्रभारी मुनेशपाल सिंह ने बताया कि देर शाम तक किशोर का पता नहीं चल सका था।