फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में दिल के मरीजों को नहीं मिलता उपचार, सीएचसी में नहीं होता ऑपरेशन

विज्ञापन
बागपत जिला अस्तपाल में ईलाज के लिए लगी भीड़ - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बागपत। जिला अस्पताल शुरू होने के साथ ही कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी बनाए जाने से बेहतर उपचार की उम्मीद जगी थी। अस्पताल में दस साल बाद भी हृदय व हड्डी रोगों का उपचार नहीं मिल रहा है। इसके चलते हृदय रोगी मेरठ, सोनीपत व दिल्ली जाने के लिए मजबूर हैं। जिला मुख्यालय समेत अधिकतर सीएचसी पर ऑपरेशन भी नहीं होते हैं।
यहां आठ सीएचसी, तीन अर्बन स्वास्थ्य केंद्र, 21 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 200 उपकेंद्र हैं। इनमें अपेक्षित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। शासन ने सरूरपुर व टीकरी में तीन साल पहले पीएचसी को सीएचसी बनाकर स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने की घोषणा की थी। वहां न जांच और न ही ऑपरेशन होते हैं। चिकित्सक भी तैनात नहीं किए हैं। जिला मुख्यालय की सबसे पुरानी सीएचसी का हाल भी ठीक नहीं है। गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। घायल भी जिला अस्पताल व मेरठ भेजे जाते हैं। छपरौली सीएचसी पर भी नेत्र रोग, बाल रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से उपचार नहीं मिल रहा है। यहां एक्सरे तक नहीं हो रहे हैं। इस तरह स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हैं।
विज्ञापन

सुविधाओं के बिना मरीज हो रहे परेशान
बरवाला के बुद्धराम का कहना है कि कूल्हे की हड्डी टूटी हुई है। वे जिला अस्पताल पहुंचोतो उपचार नहीं मिलने की जानकारी दी। गौरीपुर के राजेंद्र ने बताया कि वे जिला अस्पताल में एक्सरे कराने आए परंतु प्लेट नहीं होने के कारण एक्सरे नहीं हो सका है।
जिला अस्पताल में 21 चिकित्सकों का टोटा
जिला अस्पताल शुरू हुए दस साल बीत चुके हैं। इसके बावजूद स्टाफ की कमी पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। वहां 43 चिकित्सकों की मंजूरी है, जबकि महज 22 तैनात हैं।
विज्ञापन

सीएचसी, पीएचसी व अन्य केंद्रों पर स्टाफ की स्थिति
पदनाम स्वीकृत रिक्त
चिकित्सक 129 12
नर्सिंग स्टाफ 26 20
फार्मासिस्ट 51 2
लैब टेक्नीशियन 12 6
एक्सरे टेक्नीशियन 8 6
लैब असिस्टेंट 14 11
संविदा पैरा मेडिकल 326 83
एएनएम 221 118
एलएचवी 33 15
बेसिक हेल्थ वर्कर 66 63
वर्जन
जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं। हृदय, हड्डी व अन्य रोग विशेषज्ञों की कमी के कारण इन बीमारियों का उपचार नहीं मिल रहा है। इसके लिए शासन को कई बार पत्र लिखा गया है। अब दोबारा पत्र लिख जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ

बागपत के सरूरपुर कलां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र- फोटो : BAGHPAT

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें