ओपन एंडेड कार्ड में फंस गई थी नौ हजार यात्रियों की कमाई
अमर उजाला ने समस्या को प्रमुखता से किया था प्रकाशित
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। अमर उजाला में गत 19 मई को प्रमुखता से प्रकाशित खबर ओपन एंडेड कार्ड में फंसी गई नौ हजार यात्रियों की मेहनत की कमाई से परिवहन निगम के अफसरों में खलबली मच गई थी। फिलहाल अफसरों ने कार्रवाई से बचने के लिए यात्रियों के खातों में धनराशि भेज दी है। उधर, यात्रियों के चेहरे खिल उठे हैं।
मेरठ क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पांच डिपो में मेरठ, सोहराब गेट, गढ़मुक्तेश्वर, भैसाली, बड़ौत डिपो में वर्ष 2017 में ओपेन एंडेड कार्ड बनाए गए थे। इस दौरान पांच डिपो के लगभग 15 हजार यात्रियों ने इसमें रुचि दिखाई थी। यात्रियों को मालूम नहीं था कि उनकी मेहनत की कमाई फंस जाएगी। यह योजना दो-तीन महीने बाद ही बंद कर दी गई थी। इससे नौ हजार यात्रियों के लगभग 50 से 60 लाख रुपये ओपन एंडेड कार्ड में फंस गए थे। कई बार यात्रियों ने शिकायत की परंतु सुनवाई नहीं हुई।
अमर उजाला ने इस समस्या का प्रमुखता से गत 19 मई के संस्करण में प्रकाशित किया। इससे परिवहन निगम के अफसरों में खलबली मच गई। इसके बाद से ही परिवहन निगम के अफसरों ने यात्रियों के खाता नंबर जुटाने शुरू कर दिए थे। फिलहाल यात्रियों के खातों में धनराशि पहुंच गई है। इससे यात्रियों के चेहरे खिल उठे। यात्री अंकित जैन, सुनील, प्रमोद, विपिन, सोनू आदि ने समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने पर अमर उजाला का आभार जताया। उधर, स्टेशन प्रभारी नरेंद्र मान ने बताया कि अधिकतर यात्रियों के खातों में धनराशि भेज दी गई है।