राज्य वित्त के साथ केन्द्रीय वित्त की धनराशि से किया जाएगा कायाकल्प
शिक्षा मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय से मिली अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। राज्य वित्त के साथ केन्द्रीय वित्त की धनराशि से अब ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय विद्यालयों की सूरत सुधरेगी। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय व पंचायती राज मंत्रालय से अनुमति मिल गई है।
इमारतों की जर्जर स्थिति व जरूरी सुविधाएं नहीं हो पाने की वजह से परिषदीय विद्यालयों में लोग अपने बच्चों का प्रवेश नहीं कराना चाहते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने परिषदीय स्कूलों की दशा में सुधार की दिशा में कई प्रयास शुरू किए। इसी क्रम में ग्राम पंचायत निधि से स्कूलों की दशा सुधारने का निर्देश दिया गया। नतीजा यह रहा कि राज्य वित्त से स्कूलों की मरम्मत के कार्य कराने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह धीरे-धीरे स्कूलों में टाइल्स, मेज-कुर्सी, आकर्षक व जागरूकता वाली पेंटिंग कराने, छत, शौचालयों की मरम्मत आदि तक पहुंच गया है। स्कूलों की सूरत में अब बदलने लगे हैं। अब केंद्रीय वित्त का धन भी स्कूलों पर खर्च करने की अनुमति मिलने के बाद बड़ा बदलाव दिखाई पड़ेग।
एबीएसए सतीश शर्मा का कहना है कि केंद्रीय वित्त की धनराशि का प्राथमिकता के आधार पर उपयोग करने की अनुमति मिली है। ताकि विद्यालयों में विकास कार्य तेजी से हो सकें।