इसके बाद भी बेटी के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और वह परिजनों को जल्द ही आराम लगने की बात कहकर गुमराह करता रहा। शाम लगभग पांच बजे उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई। इसका पता चलने पर परिजनों ने चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने और सही दवाई नहीं देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। किशोरी के परिजनों ने कस्बे में रठौड़ा मार्ग पर जाम लगाकर चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। परिजन करीब दो घंटे तक सड़क जाम करके बैठे रहे।
सूचना पर एसडीएम अमन चंद वर्मा और थाना पुलिस वहां पहुंची। लोगों ने बताया कि वह अप्रशिक्षित चिकित्सक है और उसका स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण भी नहीं है। इन सभी की जांच कराने की मांग की गई। एसडीएम ने परिजनों को किसी तरह समझाकर शांत कराया। एसडीएम ने मृतका के परिजनों को चिकित्सक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही बताया गया कि उसे पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।