अश्विनी तोमर ने बताया कि अहैड़ा फाटक से हरचंदपुर तक रास्ता काफी बाधित था। उनके पिता व क्षेत्र के अन्य गणमान्य लोगों के अनुरोध पर सुन्हैड़ा, बसी, बंदपुर होते हुए काठा तक जाने वाला रास्ता केवल 24 घंटे के आदेश पर सड़क बनवाकर चालू करवा दिया था। बागपत में हरियाणा-यूपी को जोड़ने के लिए यमुना नदी पर पुल, बागपत व बड़ौत में 30-30 बैड के अस्पताल समेत अन्य कार्य कराए थे।