धरना दे रहे सचिवों का वेतन रोका
बागपत। विकास भवन में डीपीआरओ और लिपिक के खिलाफ ग्राम सचिवों का कार्य बहिष्कार करके चल रहा धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। इससे गांवों में विकास कार्यों पर असर पड़ने लगा है। सचिवों ने जबरन धरना खत्म कराने का प्रयास करने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। वहीं सचिवों के हड़ताल पर रहने से डीपीआरओ ने सभी का वेतन रोक दिया है। जितने दिन सचिव हड़ताल पर रहेंगे, उतने दिन वेतन नहीं दिया जाएगा।
ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी समन्वय समिति के आह्वान पर सचिवों का धरना बृहस्पतिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। सचिवों ने डीपीआरओ व लिपिक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि इन दोनों को सस्पेंड करने तक धरना जारी रहेगा और वह गांवों में कोई काम नहीं करेंगे। अगर कोई उनका उत्पीड़न या जबरदस्ती करता है तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। कृषि सेवा संघ के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार धनकड़, जिला मंत्री वीर सिंह तोमर, प्रधान संगठन से आशीष कुमार, सचिन कुमार, रोहित, भूपेंद्र, ग्राम विकास अधिकारी संघ के कोषाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह, मंडल अध्यक्ष ओमकार नाथ दूबे ने पहुंचकर धरने को अपना समर्थन दिया। इसके साथ ही आश्वासन दिया कि लखनऊ जाकर वार्ता कर इस मामले का निस्तारण कराएंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार, प्रेम कुमार, शान मौहम्मद, सुधीर रूहेला, कृष्णपाल तोमर, जॉनी चौधरी, विकुल, विकास राठी, पवन राणा, इमरान, गौरव राणा, मोहित उज्ज्वल, सुनील बंसल, दीपक तोमर, अनिता मान, महक सिंह, अजय शर्मा, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
ग्राम सचिवों पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी
डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि नो वर्क-नो पे के आधार पर धरना देने वाले सभी सचिवों का वेतन रोक दिया है। जब तक वे हड़ताल पर रहेंगे, वेतन नहीं दिया जाएगा। इसके साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी है। गलत आरोप लगाकर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वे कार्रवाई को नहीं रोकेंगे।