बागपत। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की निगरानी स्वयं सहायता समूह की महिलाएं करेंगी। इसके लिए छह महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है। समूह की महिलाएं रोस्टर के अनुसार बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखेंगी। इससे स्कूलों में बच्चों को वितरित किए जाने वाले भोजन में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की बाबत मिलने वाली शिकायतों और भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए विद्यालयों में स्वयं सहायता समूह की छह महिलाओं को जिम्मा दिया जाएगा। इनमें से एक महिला रोस्टर के आधार पर प्रतिदिन स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता की जांच करेगी। इसके अतिरिक्त इस बात का भी ध्यान रखेगी की बच्चों को मेन्यू के आधार पर ही भोजन का वितरण किया जा रहा है या नहीं।
महिलाएं मानक के अनुसार, भोजन, रसोई और बर्तनों की सफाई का भी निरीक्षण करेंगी। इसके अतिरिक्त समिति की महिलाएं बच्चों के लिए भोजन पकाने और परोसने की विधि पर भी रिपोर्ट शिक्षा अधिकारियों को देंगी। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के जिला समन्वयक फरजान शैरफ ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की जांच और वितरण के लिए विद्यालय में स्वयं सहायता समूह की छह महिलाओं को जिम्मा देने की योजना तैयार की जा रही है। महिलाएं नियमित विद्यालयों में बच्चों को वितरित किए जाने वाले भोजन की जांच करेंगी।