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रूस-यूक्रेन जंग: हालात देख स्वदेश लौटने लगे भारतीय, फ्लाइट नहीं मिलने पर खाद्य सामग्री जमा कर रहे लोग

Thu, 24 Feb 2022 03:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

यूक्रेन सरकार के इमरजेंसी लगाने के बाद यूक्रेन में रहने वाले भारतीय स्वदेश लौटने के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट भी पकड़ रहे हैं। बॉर्डर वाले शहरों में रूसी सेना घुसने से डर का माहौल बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के यूक्रेन में रहने वाले लोगों ने तस्वीरों के साथ वहां के हालात
 बयां किए 
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यूक्रेन में हालातों को देखते हुए वहां रह रहे भारतीयों ने खाद्य सामग्री जमा करना शुरू कर दिया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूक्रेन के कई शहरों में रूस की सेना के घुसने से वहां के हालात को देखते हुए अधिकतर भारतीयों ने लौटना शुरू कर दिया है। वे किसी भी तरह अपने देश लौटना चाहते हैं। जिन्हें एअर इंडिया की फ्लाइट नहीं मिल रही है, वे अन्य देश की कनेक्टिंग फ्लाइट से लौटने में लगे हैं। वहीं, जिनको किसी भी तरह से फ्लाइट नहीं मिल रही है, वे कई महीने के लिए खाद्य सामग्री जमा कर रहे हैं। यूक्रेन में रहने वाले बागपत के लोगों ने बाजार की तस्वीरों के साथ वहां के हालात बयां किए हैं। 

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सुभानपुर गांव के रहने वाले अक्षत त्यागी पुत्र संजय त्यागी का यूक्रेन के शहर क्रिवोग्राड, वहां की राजधानी कीव व अन्य शहरों में कपड़े का व्यवसाय है। रमाला के निवासी पंकज वहां के ओडिसा में रहकर ट्रेडिंग का व्यवसाय करते हैं।

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बागपत के मेरठ रोड निवासी ओमबीर ढाका की बेटी अनुष्का ढाका के साथ ही हरियाणा के करनाल व गुरुग्राम की कई छात्राएं एमबीबीएस कर रही हैं।

अक्षत त्यागी ने क्रिवोग्राड व कीव के मॉल व सडक़ों की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि जिस तरह से रूस की सेना यूक्रेन के कई शहरों के अंदर घुस गई हैं, उससे सभी जगह डर का माहौल है। इसलिए वहां रहने वाले अधिकतर भारतीय अपने देश लौटना चाहते हैं और वे फ्लाइट की व्यवस्था में लगे हैं। यदि सीधी फ्लाइट नहीं मिल रही है तो वे कनेक्टिंग फ्लाइट के सहारे लौटना चाहते हैं।

अक्षत त्यागी ने बताया कि लोगों ने हालात को देखते हुए खाद्य सामग्री जमा करनी शुरू कर दी है। मॉल व बाजार में सामान खरीदने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। अक्षत ने खुद भी दो महीने के लिए खाद्य सामग्री जमा की। जिससे अंदर के शहरों तक कोई परेशानी होती है, तो वे गुजर-बसर कर सकें।
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