बड़का रोड़ पर जलभराव, संक्रमण रोग फैलने का खतरा
बड़का, हिलवाड़ी, औसिक्का गांव को बड़ौत से जोड़ता है ये मार्ग
बड़ौत। जलनिकासी न होने पर बड़का रोड पर गत एक साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। जलभराव के कारण यह मार्ग टूट भी गया है। इस कारण आसपास रहने वाले लोगों व इस मार्ग पर पड़ने वाले दिगंबर जैन पालीटेक्निक के छात्र व शिक्षकों को आवागमन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन लगातार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इससे लोग परेशान हैं।
बता दे कि बड़का रोड की लंबाई दो किमी है। यह मार्ग बड़का, हिलवाड़ी, औसिक्का, धनौरा सिल्वर नगर, दौज्जा आदि एक दर्जन गांवों को बड़ौत से जोड़ता है। इस कारण प्रतिदिन सैकड़ों वाहन इस मार्ग से जुड़ते हैं, लेकिन जलनिकासी न होने के कारण गत एक वर्ष से इस मार्ग पर जल भराव की समस्या बनी हुई है। बिना बरसात भी हर समय इस मार्ग पर पानी भरा रहता है। इस मार्ग पर दिगंब जैन पालीटेक्निक , डायट सहित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी पड़ते हैं। प्रतिदिन यहां से काफी संख्या में छात्र और शिक्षक भी आवागमन करते हैं, लेकिन जल भराव के कारण अब आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ पालिका के ईओ अनुज कौशिक का कहना है कि समस्या संज्ञान में है। यहां पर जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है, जल्द ही लोगों को जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
ये बोले लोग-----
जल भराव के चलते संक्रमण रोगों का खतरा
बड़ौत। अनिल महादेव का कहना है कि पूरे साल इस मार्ग पर जल भराव की स्थिति बनी रहती है। काफी समस्य से जलभराव होने के कारण मार्ग टूटने लगा है। अब जल भराव के चलते बरसात होने के बाद क्षेत्र में संक्रमण रोगों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
हरवक्त पानी भरा रहने से मार्ग भी टूटा
बड़ौत। सभासद जीत सिंह कश्यप ने कहा यह नगर का मुख्य मार्ग है। जो क्षेत्र के कई गांवों के अलावा बड़ौत - मेरठ मार्ग को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से जोड़ता है, लेकिन जलभराव होने के कारण अब लोग यहां से आवागमन में परेशानी महसूस कर रहे हैं। हरवक्त पानी भरा रहने से मार्ग भी टूट गया है।
अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोग परेशान
बड़ौत। दिगंबर जैन पालीटेक्निक के शिक्षक मुुकेेश कुमार और रणजय लांबा ने कहा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को जलभराव जैसी समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस कारण स्थानीय लोगों में अधिकारियों के प्रति आक्रोश पनप रहा है।