बागपत। एल्युमिनियम के बर्तनों में मिड-डे-मील पकाने से बच्चों में बीमारियों का खतरा हो सकता है। क्योंकि एल्युमिनियम आयरन और कैल्शियम को सोख लेता है। इसको देखते हुए बेसिक शिक्षा निदेशक ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को वितरित किए जाने वाले भोजन को एल्युमिनियम के बजाए स्टील के बर्तन में पकाने के निर्देश दिए हैं।
एल्युमिनियम के बर्तनों में पका हुआ खाना खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि एल्युमिनियम की लीचिंग भोजन पकाने के तापमान, भोजन पकाने के माध्यम और खाद्य सामग्री पर निर्भर करती है। एल्युमिनियम आयरन और कैल्शियम जैसे तत्वों को सोख लेता है। आयरन और कैल्शियम की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकतीं हैं। इसके अलावा अस्थि रोग, आंखों की बीमारियां, अतिसार, अम्लता, खट्टी डकार, पेट दर्द, आंत का संक्रमण, मुंह में बार-बार सूजन, खुजली और त्वचा रोग होने की आशंका रहती है।
- विद्यालयों में एल्युमिनियम के बजाय स्टील के बर्तनों में बनाया जाएगा खाना
परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों को वितरित किया जाने वाला मिड-डे-मील एल्युमिनियम के बर्तन में नहीं पकाया जाएगा। अब विद्यालयों में स्टील के बर्तनों में भोजन पकाया जाएगा। शासन ने स्कूलों में भोजन पकाने के लिए स्टील के बर्तनों का प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक कंचन वर्मा ने विद्यालयों में भोजन पकाने में स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बीएसए को भेजे पत्र में स्कूलों में बर्तन की खरीदारी करते समय एल्युमिनियम के बजाए स्टील के बर्तन खरीदने के निर्देश दिए हैं।
- वर्जन - एल्युमिनियम शरीर के अंदर जाने पर आयरन और कैल्शियम को सोख लेता है, जिससे पेट संबंधी कई प्रकार की बीमारी होने की आशंका बढ़ जाती है। - डाॅ. विभाष राजपूत, सीएचसी अधीक्षक
-वर्जन- शासन ने विद्यालयों में बच्चों को वितरित किए जाने वाले भोजन को एल्युमिनियम के बजाय स्टील के बर्तन में पकाने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों में स्टील के बर्तनों की खरीदारी की जाएगी। - फैजान शैरफ, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन