बागपत। पुलिस लाइन में शुक्रवार को एसपी नीरज कुमार ने परेड की सलामी लेकर निरीक्षण किया। इस दौरान लाइन में दंगा नियंत्रण के लिए रिहर्सल किया गया। पुलिसकर्मियों को दंगा नियत्रंण के लिए की जाने वाली कार्रवाई से भी अवगत कराया।
एसपी राजीव कुमार जादौन के निर्देशन में पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण के लिए मॉक ड्रिल हुई। पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण के दौरान की जाने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। एसपी ने बताया कि दंगा नियंत्रण के लिए पुलिस के दस दस्तों का गठन किया गया है। इनमें एलआईयू, सिविल पुलिस, टीयर गैस, लाठीचार्ज, वाटर कैनन व फायरिंग पुलिस के दस्ते शामिल हैं।
एलआईयू का कार्य पुलिस को स्थिति की जानकारी देना होता है। सिविल पुलिस दंगाइयों को नियंत्रित करने का प्रयास करती है। सिविल पुलिस के दंगा रोकने में विफल होने पर अन्य दस्तों की सहायता ली जाती है। सबसे अहम भूमिका फायर दस्ते की होती है। फायर दस्ते को फायरिंग के दौरान किसी प्रकार की जनहानि न होने का ख्याल रखना होगा। पुलिस को लाठी चलाते समय किसी व्यक्ति को गंभीर चोट न आए इसका ध्यान रखना अनिवार्य है। दंगाइयों को काबू करने के लिए पहले लाठीचार्ज व इसके बाद आंसू गैस का सहारा लिया जाता। फायरिंग सबसे अंतिम विकल्प है।