- 50 ट्रक बॉर्डर पर फंसने से डेढ़ करोड़ रुपये तक का नुकसान
- गोदामों में रखा हुआ है 2 करोड़ रुपये का तैयार माल
बड़ौत। नेपाल में हुई हिंसा में बागपत का रिम-धुरा उद्योग झुलस गया है। यहां से नेपाल में तैयार माल लेकर गए 50 ट्रक नेपाल की तरफ बॉर्डर पर फंसे हैं तो 30 ट्रक लौट चुके हैं। इससे अभी तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। वहीं दो करोड़ रुपये का तैयार माल गोदाम में रखा हुआ है और यहां से नेपाल में आपूर्ति नहीं हो रही है।
बागपत में रिम-धुरे बनाने की 123 फैक्टरियां चल रही हैं और इनका सालाना 50 करोड़ रुपये का टर्न ओवर है। यहां से तैयार माल नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, बिहार, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में भेजा जाता है। फिलहाल रिम-धुरा उद्योग को पिछले कुछ दिनों से झटका लगा है। पहले कई राज्यों में बाढ़ के कारण आपूर्ति कम हुई तो अब नेपाल में हिंसा से भारी नुकसान उद्यमियों को झेलना पड़ रहा है।
- मजदूरों के सामने रोटी का संकट, गोदामों में भरा पड़ा माल
नेपाल में हिंसा को देखते हुए फिलहाल अधिकांश उद्यमियों ने माल भेजने से इंकार कर दिया है। दो करोड़ रुपये का माल गोदाम में रखा हुआ है। माल तैयार होने के बावजूद आपूर्ति नहीं होने से 500 मजदूरों की छुट्टी कर दी गई है। नेपाल की स्थिति सामान्य होने पर वापस बुलाने की बात कही जा रही है। मजदूर सलीम, जावेद, सुनील, सोनू, हिमांशु ने कहा कि नेपाल में हिंसा के कारण उनको भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
- अब तक डेढ़ करोड़ रुपये तक का नुकसान
उद्यमियों के अनुसार नेपाल सीमा पर ट्रक फंसने और माल की आपूर्ति नहीं होने से अभी तक डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान उद्योग को हो चुका है। माल में जंग लगना, ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ना और ऑर्डर कैंसिल होना समेत अन्य इस नुकसान की प्रमुख वजह है।
- सरकार से मदद की मांग
इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. योगेश जिंदल का कहना है कि सरकार को नेपाल के अधिकारियों से समन्वय बनाकर फंसे माल को सीमा पार करवाने की व्यवस्था जल्द करनी चाहिए। साथ ही व्यापारियों को राहत देने के लिए आर्थिक सहायता और बीमा जैसी योजनाएं लागू की जाएं।
- नेपाल में जो हालात बने हैं उससे उद्यमी डरे हुए हैं। हमारी पांच गाड़ियां नेपाल में फंसी हुई हैं। माल भेजने में जोखिम है और यही स्थिति रही तो काफी नुकसान हो जाएगा। अन्य राज्यों में भी माल पहले की तरह नहीं जा रहा है। - अभिषेक जैन, उद्यमी
माल काफी तैयार है और गोदामों में अटक गया है। नेपाल में गए माल का पेमेंट भी रुक गया है। नया माल नहीं जा रहा है। अधिकांश उद्यमी जल्दी माल भेजने से डर रहे हैं। जल्दी समाधान नहीं निकला तो छोटे उद्योगों को ज्यादा समस्या हो सकती है। - नाजिम खान, उद्यमी