दोघट (बागपत)। धनौरा टीकरी गांव में मंगलवार को मेरठ से रिटायर्ड सूबेदार, पत्नी व बेटे के शव लाए गए और तीनों की चिताएं एक साथ जलीं। इस तरह तीन मौत से पूरे गांव में गमगीन माहौल रहा और रिटायर्ड सूबेदार के परिजनों को सांत्वना देते रहे।
धनौरा टीकरी गांव निवासी रिटायर्ड सूबेदार कृष्णपाल पुत्र इंद्रपाल मेरठ में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह दीपावली पर अपने भाइयों के साथ त्योहार मनाने आए थे। सोमवार शाम को बाइक पर पत्नी मीनू व बेटे अंशुल के साथ वापस मेरठ जा रहे थे। कंकरखेड़ा के समीप सडक़ दुर्घटना में तीनों की मौत हो गई। मंगलवार को तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में लाए गए। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। कृष्णपाल की चिता को उनके भतीजे अर्जुन, चाची मीनू को भतीजे आर्यन व अंशुल की चिता को कल्लू ने मुखाग्नि दी। एक साथ तीन चिताओं को देख हर किसी की आंखों से आंसू निकल रहे थे।
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चौधरी जयंत सिंह ने परिवार को सांत्वना दी
धनौरा टीकरी में पहुंचेे रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्ज्वल ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी। उनकी रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह से फोन पर बात कराई। चौधरी जयंत सिंह ने कृष्णपाल के भतीजे अनुज को फोन पर सांत्वना दी। यहां से पहले डॉ. कुलदीप उज्ज्वल मेरठ में पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचे। घटना की जानकारी चौधरी जयंत सिंह को देने पर उन्होंने कमिश्नर से बात करके पोस्टमार्टम जल्द कराने के लिए कहा। वहीं, परिवार को गांव में सांत्वना देने के लिए संजीव मान, आनंद छिल्लर, नरेश डायरेक्टर, पप्पन राणा, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, राजीव प्रधान, तेजपाल धनौरा, विक्रम राणा आदि पहुंचे।