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पुलिस के भरोसे पर भी नहीं लौटे रणबीर के परिजन

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जिवाना गांव में बंद पड़ा पीड़ित परिवार का मकान - फोटो : BAGHPAT
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जिवाना का रणबीर हत्याकांड
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हत्यारोपियों से धमकी मिलने पर रणबीर के परिवार ने बृहस्पतिवार को छोड़ दिया था गांव
अफसरों के निर्देश पर गांव पहुंची रमाला थाना पुलिस, किया परिजनों से लौटने का निवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला (बागपत)। जिवाना गांव में अनुसूचित जाति के युवक रणबीर की हत्या के बाद परिवार ने जेल से धमकी मिलने पर पलायन कर दिया तो अफसरों ने रमाला थाना पुलिस के पेंच कसे। पुलिस बृहस्पतिवार की रात में ही गांव पहुंची और ग्रामीणों की मदद से परिवार को गांव में वापस लाने के लिए मनाना शुरू कर दिया। सुरक्षा का भी पूरा आश्वासन दिया। मगर, परिवार ने पुलिस पर भरोसा नहीं जताते हुए गांव में आने से इंकार कर दिया।
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जिवाना गांव में 10 जून को अनुसूचित जाति के किसान रणबीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भाई राहुल ने गांव के राजकुमार, उसके बेटे वीशू व एक हिस्ट्रीशीटर मयंक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को मुठभेड़ में दबोचा था तो पिता-पुत्र को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोप है कि इस मामले में समझौता करने के लिए आरोपी जेल से ही कई बार पीड़ित परिवार को धमकी दे रहे थे। इसी दहशत में बृहस्पतिवार को मृतक रणबीर की पत्नी कुंतलेश व उसके बेटों, उसके भाई राहुल, अरुण व पुरुषोत्तम के परिवारों ने गांव छोड़ दिया था। यह खबर मीडिया की सुर्खियां बनी तो रमाला थाना पुलिस बृहस्पतिवार रात को गांव में पहुंची और पीड़ित परिवार के बारे में ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने परिवार को वापस गांव में लाने के लिए मनाने का प्रयास किया। मगर, पीड़ित परिवार ने दहशत में होने के कारण वापस आने से इंकार कर दिया।
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रमाला थाना के इंस्पेक्टर रवेंद्र यादव का कहना है कि पीड़ित परिवार अपनी मर्जी से गांव से गया है। उन पर किसी ने दबाव नहीं बनाया है।
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