बड़ौत। तीन दिन से हो रही बरसात के चलते जनपद में टीकाकरण धीमा पड़ गया है। 20 जनवरी तक जिले के 92 हजार किशोरों को टीका लगाया जाना था। टीकाकरण शुरू हुए पांच दिन बीत चुके हैं परंतु अभी तक मात्र 16 हजार किशोरों को ही टीका लगाया है। लक्ष्य पूरा करने में मात्र 12 दिन शेष हैं और 76 हजार किशोरों को टीका लगाया जाना है, लेकिन बरसात के कारण स्कूल-कॉलेज बंद होने से अभियान पर ग्रहण लग चुका है।
कोरोना की तीसरी लहर ओमिक्रॉन से निपटने के लिए 15 से 18 आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों को भी टीका लगाने का निर्देश दिया है। जिले में अभियान की शुरूआत तीन जनवरी से हुई। कुल 92 हजार किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया। इन बच्चों के वैक्सीन लगाने के लिए खासतौर पर 34 टीमें लगाई गईं। ये स्कूलों में जाकर बच्चों का टीकाकरण करती थीं। इस बीच खराब मौसम व बरसात के कारण सरकार ने स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दे दिया। इसे लेकर स्वास्थ्य महकमें की नींद उड़ गई। अब विभाग के सामने लक्ष्य पूरा करना चुनौती बन चुका है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो अब तक जनपद में 16 हजार किशोरों को ही टीका लगाया गया है, यदि तीन दिन से बरसात न होती तो एक अनुमान में अब तक 24 हजार किशोरों को टीका लगाया जा सकता था, लेकिन टीकाकरण प्रभावित हुआ है। विभागीय सूत्रों की माने तो स्कूल बंद होने से एक प्लेटफार्म पर किशोर नहीं मिल पा रहे हैं। यदि हालात यही रहे तो विभाग लक्ष्य हासिल नहीं कर सकेगा।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि बरसात के कारण स्कूल-कॉलेज बंद होने से किशोरों के वैक्सीनेशन में दिक्कत आ रही है। 20 जनवरी तक वैक्सीन का लक्ष्य पूरा करना है। रोजाना की रिपोर्ट जिलाधिकारी को देनी होती है। प्रयास है कि नीयत समय में किशोरों को वैक्सीन हर हाल में लगवा दी जाए।