खेकड़ा (बागपत)। गांव अब्दुलपुर स्थित जिला जेल में दाल-चावल के साथ रोटियां न मिलने से नाराज बंदियों ने जेल परिसर में धरना शुरू कर दिया। भविष्य में दाल-चावल के साथ रोटियां बनवाने के जेल अधीक्षक के आश्वासन पर धरना समाप्त किया।
जिला जेल की क्षमता 660 बंदियों की है। इसमें करीब 950 बंदी हैं। जेल में बंदियों के लिए बृहस्पतिवार को दाल-चावल बनाए जाते हैं। दोपहर में दाल-चावल के साथ रोटियां न बनाने से बंदी नाराज हो गए। उन्होंने जेल परिसर में धरना शुरू कर दिया। कहना था कि कुछ बंदी मधुमेह आदि बीमारी से ग्रसित हैं। वे चावल नहीं खाते हैं। उन्हें चावल नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए उन्हें रोटियां चाहिए। करीब एक घंटे बाद जेल अधीक्षक बृजेंद्र यादव धरनारत बंदियों के बीच पहुंचे। उन्होंने भविष्य में दाल-चावल के साथ रोटियां बनवाने का आश्वासन दिया। इस पर बंदियों ने धरना समाप्त किया। जेल अधीक्षक का कहना है कि जेल में बंदियों ने धरना नहीं दिया है। कुछ बंदियों ने दाल-चावल के साथ खाने के लिए रोटी मांगी थी। उन्हें रोटियां परोस कर समस्या का समाधान करा दिया है।
जिला जेल में 70 बंदी रक्षकों की तैनाती
खेकड़ा। जिला जेल में बृहस्पतिवार को 70 बंदी रक्षकों की तैनाती कर दी गई है। इससे जेल की सुरक्षा चाक चौबंद है। वर्ष 2016 में जिला जेल का शुभारंभ हुआ था। जेल में फिलहाल 950 बंदी हैं। इन पर अब तक महज 30 बंदी रक्षक तैनात थे। इससे बंदियों की गतिविधियों पर पूर्ण रूप से नजर नहीं रखी जा रही थी। जेल में बंदियों के बीच कई बार संघर्ष हो चुके हैं। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी और खेकड़ा क्षेत्र के गांव बसी निवासी ऋषि की जेल में हत्या हो चुकी हैं। जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार यादव का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जिला जेल में 70 बंदी रक्षकों की तैनाती की गई है। अब जेल की सुरक्षा चाक चौबंद होगी।