बागपत/रमाला। सहकारी चीनी मिल बागपत व रमाला के नए पेराई सत्र की तैयारी अंतिम चरण में है। एक नवंबर से मिल चलाने की तैयारी है। गन्ना विभाग ने सितंबर में कच्चा कैलेंडर जारी कर आपत्तियां मांगी थीं। बागपत व रमाला मिल के करीब तीस हजार किसानों ने गन्ना प्रजाति, गन्ना रकबा, पेड़ी-पौधा आदि त्रुटि दूर कराईं। मिलों ने किसानों का डाटा सही कराकर साइट पर अपलोड कर दिया है। अब मिलों ने फाइनल ई गन्ना कैलेंडर जारी कर दिए हैं।
रमाला शुगर मिल के गन्ना मुख्य अधिकारी अजय यादव ने बताया कि किसान साइट पर अपना कैलेंडर चेक कर सकते हैं। कैलेंडर में नौ क्विंटल की पर्ची दर्शाई गई है परंतु किसान 9-9 क्विंटल की दो पर्ची को एक पर्ची गिनें। उन्होंने बताया कि यदि किसान के फाइनल कैलेंडर में त्रुटि है तो सुपरवाइजर से मिलकर तत्काल दूर करा लें। सहकारी चीनी मिल रमाला के प्रधान प्रबंधक डॉ. आरबी राम ने बताया कि अब किसानों को मिल चालू होने का इंतजार है। मौसम में बदलाव की वजह से मिल चलने में देरी हो रही है। रमाला मिल एक नवंबर को पेराई सत्र शुरू करेगी। 29 अक्तूबर को किसानों का इंडेंट जारी कर दिया जाएगा। नए पेराई सत्र की गन्ना पर्ची भी फोन मेसेज से ही किसानों के पास भेजी जाएंगी। पहले अगेती प्रजाति के गन्ने की तौल होगी। मिल ने अपने सभी क्रय केंद्र लगा दिए हैं।
किसानों को संशय
बागपत शुगर मिल का ई-कैलेंडर जारी कर दिया है। जिसमें गन्ने की पर्ची इस बार 9-9 क्विंटल की लिखने से किसानों में संशय पैदा हो गया। नैथला गांव के किसान राजेंद्र कुमार, सुरेश त्यागी, नौरोजपुर के अशोक कुमार, सतीश कुमार का कहना है कि कैलेंडर में 9-9 क्विंटल की पर्ची लिखी गई है। जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। उसको लेकर शुगर मिल अधिकारियों को स्थिति साफ करनी चाहिए। इस पर बागपत शुगर मिल के प्रधान प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि जिस तरह से पहले ट्रॉली की पर्ची 36 क्विंटल की जारी की जाती थी और कैलेंडर में उसे 18-18 क्विंटल की लिखा जाता था। इस तरह ही अब बुग्गी की पर्ची भी जारी 18 क्विंटल की होगी, लेकिन उसे कैलेंडर में 9-9 क्विंटल लिखा गया है। यह केवल इसलिए किया गया है, जिससे कोई ओवरलोड लेकर आता है तो उसकी केवल 9 क्विंटल की पर्ची के आधार पर कटौती हो सके। इस तरह ओवरलोडिंग को रोकने के लिए गन्ना विभाग की ओर से ऐसा किया गया है।
किसान सतीश कुमार- फोटो : BAGHPAT
किसान अशोक कुमार- फोटो : BAGHPAT
किसान राजेन्द्र कुमार- फोटो : BAGHPAT