सुबह 11 बजे: बागपत में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर धुंध के बीच जाते वाहन
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बागपत। प्रदूषण दोबारा से तेजी से बढ़ा है। शनिवार को एक्यूआई 357 तक पहुंच गया है। तीन दिन पहले एक्यूआई 248 तक पहुंचने से लोगों को प्रदूषण से काफी राहत मिली थी। प्रदूषण दोबारा बढ़ने से गले में परेशानी बढ़ रही है तो बुजुर्गों को सांस लेने में ज्यादा समस्या हो रही है। आंखों में जलन भी झेलनी पड़ रही है। डाक्टर सेहत का खास ख्याल रखने की हिदायत दी है।
नवंबर के शुरूआत में कई दिन तक एक्यूआई 400 से ऊपर रहा था। धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ और यह तीन दिन पहले 248 तक पहुंच गया। इस तरह लोगों को प्रदूषण से काफी राहत मिलती दिख रही थी। माना जा रहा था कि जिस तरह से हवा शुरू हुई है, उससे प्रदूषण से अभी राहत मिलती रहेगी। लेकिन दोबारा से प्रदूषण बढ़ने लगा है और एक्यूआई 357 तक पहुंच गया है। इस कारण ही सांस के मरीजों को ज्यादा समस्या हो रही है तो गला भी खराब हो रहा है। आंखों में जलन की समस्या भी लोगों को झेलनी पड़ रही है। जिस तरह से प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, उससे स्थिति ज्यादा खराब होती दिख रही है। स्मॉग भी छाने लगा है।
प्रदूषण के कारण सांस के मरीजों को ज्यादा दिक्कत
ईएनटी सर्जन डा. सुनील कुमार ने बताया कि प्रदूषण के कारण गले में समस्या होती है और बचाव नहीं करने पर यह परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा सांस के मरीजों के लिए भी प्रदूषण ठीक नहीं है। ऐसे में लोगों को घर से बाहर निकलते हुए मास्क का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। जिनको सांस की समस्या है, उनको ज्यादा बाहर घूमने से बचना चाहिए और उनको भी मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। आंखों में जलन की परेशानी भी काफी हो रही है।
इस तरह बढ़ा एएक्यूआई
27 नवंबर 357
26 नवंबर 331
25 नवंबर 323
24 नवंबर 248
23 नवंबर 292