बागपत। गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाए जाने से किसानों में नाराजगी है। किसान बैंक और समिति के कर्ज में दबे हुए हैं। जिले के किसान करीब 1342 करोड़ रुपये के कर्जदार हैं। भुगतान नहीं होने के कारण किसान अपना कर्ज नहीं चुका पा रहे हैं। जिले के किसान बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, शामली और हापड़ की 12 चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई करते है। इन 12 चीनी मिलों पर पेराई सत्र 2019-20 के 179.23 करोड़ रुपये बकाया है। अभी तक सिर्फ 86 प्रतिशत भुगतान हुआ है। 14 प्रतिशत भुगतान अभी भी चीनी मिलों पर बकाया चला आ रहा है। वर्तमान सत्र का अभी तक सिर्फ 5.82 प्रतिशत भुगतान ही हुआ है। जिले की बागपत, रमाला और मलकपुर चीनी मिल पर किसानों के 358 करोड़ रुपये बकाया हो गए हैं।
किसान किसके कितने कर्जदार
बागपत। एलडीएम प्रदीप थोराट ने बताया कि केसीसी के ही किसानों पर लगभग 1302 करोड़ रुपये बकाया चले आ रहे हैं। एआर कॉपरेटिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि साधन सहकारी समितियों के 25 करोड़ और भूमि विकास बैंक के करीब 15 करोड़ रुपये किसानों पर बकाया हैं।
बागपत। जिले के किसानों ने पेराई सत्र 2019-20 में बागपत जनपद की रमाला, बागपत, मलकपुर, मेरठ की किनौली, दौराना, नंगलामल, मुजफ्फरनगर की तितावी, खतौली, भैंसाना, शामली की ऊन, हापुड़ की बृजनाथपुर और गाजियाबाद की मोदीनगर चीनी मिलों को गन्ना सप्लाई किया था। एक लाख 12 हजार किसानों ने 412.90 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की थी। मलकपुर, किनौनी, भैसाना, बृजनाथपुर, मोदीनगर मिल ने किसानों का शत प्रतिशत भुगतान नहीं किया है।
मलकपुर-मोदीनगर मिल सबसे पीछे
बागपत। गाजियाबाद की मोदीनगर चीनी मिल ने जिले के किसानों का 12 फरवरी तक 57.27 प्रतिशत गन्ना भुगतान ही किया है। मलकपुर चीनी मिल ने 70.73 प्रतिशत भुगतान किया है।
किसने क्या कहा
- डीसीओ डॉ अनिल कुमार भारती का कहना है कि चीनी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। जो चीनी मिलें भुगतान नहीं करेंगी, उन पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
- सपा नेता अर्जुन अवार्डी शोकेंद्र तोमर का कहना है कि किसानों को भुगतान नहीं मिलने से वह बैंकों का कर्ज भी अदा नहीं कर पा रहे हैं। भाजपा सरकार भुगतान कराने में फेल साबित हुई है।
- बागपत ब्लॉक प्रमुख सुभाष गुर्जर का कहना है कि किसानों को अगर भुगतान ही नहीं मिलेगा तो किसान कैसे कर्जमुक्त होगा। किसानों का नियमानुसार भुगतान होना चाहिए।
- बागपत पालिका के चेयरमैन राजूद्दीन एडवोकेट का कहना है कि किसान को अगर समय पर भुगतान मिलेगा तो बाजार को भी लाभ होगा। लेकिन समय पर भुगतान नहीं होने से समस्या खड़ी हो रही है।
- जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर का कहना है कि सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। जिसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों को ब्याज मिलना चाहिए।
ऊर्जा निगम के बिल भी बकाया
बागपत। बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण किसान उर्जा निगम के बिलों को भी चुकता नहीं कर पा रहे हैं। किसानों पर ऊर्जा निगम के करोड़ों रुपये का बिल बकाया है। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि जब तक किसानों का भुगतान नहीं हो जाता बिल वसूली पर रोक लगनी चाहिए।
एडवोकेट जयवीर सिंह तोमर- फोटो : BAGHPAT
चेयरमैन राजुद्दीन- फोटो : BAGHPAT
जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार- फोटो : BAGHPAT
बागपत शुगर मिल- फोटो : BAGHPAT