बागपत कलक्ट्रेट में विभिन्न गांवों में हुए विरोध के बारे में जानकारी प्रगणक
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बागपत। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में आर्थिक गणना करने पहुंच रही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालकों की टीमों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टीम लीडरों का कहना है कि उन्हें सीएए की टीम मानकर विरोध किया जा रहा है। संचालकों ने प्रशासन को मामले की जानकारी देकर पुलिस का सहयोग मांगा है। ऐसे घरों को चिह्नित कर रजिस्ट्रर तैयार किया जा रहा है, ताकि गणना के लिए पुलिस उपलब्ध कराई जा सके।
सातवीं आर्थिक गणना की जिम्मेदारी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) संचालकों को दी गई है। सीएससी की टीमों ने जिले में आर्थिक गणना का कार्य शुरू कर दिया है। सूप, मुकारी, सांकरौद समेत छह से अधिक गांव में टीम कार्य कर रही है। टीम सदस्य अरुण, कर्मवीर, राहुल गिरी, धनुष और सतवीर ने बताया कि गणना के दौरान मुस्लिम बहुल इलाकों में उनका विरोध किया गया। लोगों ने समझा कि वह सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) की टीम है। गणनकों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। ऐसे इलाकों को मजबूरी में छोड़ना पड़ रहा है। प्रबंधक रोहित राजपूत को प्रकरण की जानकारी दी गई है, ताकि सीएससी संचालकों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
उधर, प्रबंधक रोहित राजपूत का कहना है कि लोगों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। अगर फिर भी बात नहीं बनीं तो पुलिस-प्रशासन की मदद ली जाएगी।
मुश्किलों ने पैर छीना, राहुल ने दी हौसले की चोट
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बागपत। दत्तनगर में सीएससी सेंटर चलाने वाले राहुल गिरि युवाओं के लिए प्रेरणा है। दिव्यांग राहुल का सात साल की उम्र में कैंसर के कारण पैर काटना पड़ गया था। परिवार ने किसी तरह उसे संभालकर बड़ा किया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। राहुल अब दत्तनगर में सीएससी सेंटर चला रहा है। सातवीं आर्थिक गणना में उसे भी जिम्मेदारी दी गई है।