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बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में न मरहम पटटी और न टैबलेट

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बड़ौत। बसों में यात्रियों की सुविधाओं को लेकर रोडवेज विभाग कितना गंभीर है इसकी बानगी बसों में दवाई बगैर खाली पड़े फर्स्ट एड बॉक्स में देखी जा सकती है। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तो लिखा है लेकिन इनके अंदर न तो मरहम पटटी है और न ही अन्य दवाईयां। सीधे सीधे शासनादेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विभागीय अधिकारी भी अपनी जिम्मेदारी भूल गए हैं।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार बड़ौत डिपो में निगम की 77 बस व 45 बस अनुबंधित हैं। हालांकि इस समय कोरोना के चलते 30 अनुबंधित व 45 बस निगम की संचालित हैं। बस यात्रियों में विपिन पूनिया, दीपक, अंकित, नितिन, सुभाष आदि का कहना है कि बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हादसा होने पर यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने के लिए बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं हैं। जबकि नियमानुसार प्रत्येक गाड़ी में प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी दवाइयां, मरहम चोट पर बांधने के लिए पटिटयां होती है। कुछ बसों में बॉक्स तो है, लेकिन वह खाली हैं। इस संबंध में एआरएम विपिन अग्रवाल से बातचीत करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बस संचालन प्रभारी नरेन्द्र मान का कहना था कि कुछ बसों में फर्स्ट एड बॉक्स न होने की शिकायत आई थी। उनका निस्तारण कराया जा रहा है।
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