शुक्रवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद अरुण के शव को गांव लाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम यात्रा में भीड़ उमड़ पड़ी। गमगीन माहौल में अरुण का अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने कहा कि अरुण की पत्नी ने यह सही नहीं किया। उसने परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया। वह अरुण को सच बता देती तो उसके बाद अरुण कोई फैसला ले लेता। पूरा गांव अर्चना को कोस रहा है।
अरुण को जबरदस्ती अपने साथ ले गई थी अर्चना
अंतिम संस्कार के दौरान रोते हुए मृतक के भाई अंकुर ने बताया कि भाई अरुण मीशो ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में मैनेजर थे। पिछले कुछ दिनों से वर्क फ्रॉम होम चल रहा था। बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे अर्चना जबरन अरुण को अपने साथ दवाई लाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गई थी। कई बार अरुण ने इंकार भी किया, लेकिन वह नहीं मानी। इस तरह साफ है कि अर्चना ने प्रेमी के साथ मिलकर पहले ही अरुण की हत्या की योजना बनाई हुई थी। अंकुर ने कहा कि यदि उन्हें पता होता तो भाई को अर्चना के साथ नहीं जाने देते।