बागपत के गांव मलकपुर के पहलवान बिना किसी सुविधा के दुनिया भर में धूम मचा रहे हैं। गांव के कबड्डी खिलाड़ी भी विश्व चैंपियनशिप तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। गांव में तीन अर्जुन अवार्डी समेत सैकड़ों पहलवान मौजूद हैं।
गांव में खलीफा दरियाव सिंह पहलवान के शिष्य इकबाल (70) और हरपाल (66) वर्ष 1978 से गांव में ही दो अखाड़े चला रहे हैं। इनमें गांव के ही नहीं शामली, खेकड़ा, लोनी, शाहदरा, छपरौली, किरथल, बड़ौत आदि स्थानों के बालक कुश्ती के दाव पेंच सीख रहे हैं। वर्तमान समय में गांव के दोनों अखाड़ों में दो हजार से अधिक युवक अभ्यास कर रहे हैं। सुबह के समय अखाड़े में गांव के बच्चे ही अभ्यास करते हैं, लेकिन शाम के समय दूरदराज के पहलवान रोजाना अभ्यास करने आते हैं। लगभग हर घर के बच्चे अखाड़े में अभ्यास करते देखे जा सकते हैं। इन अखाड़ों के कारण गांव के बच्चों में परवान चढ़ा पहलवानी का शौक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर जाकर ही रुका। बिना सुविधा यहां के पहलवानों और कबड्डी खिलाड़ियों ने विदेशों तक धूम मचाई है।
एशिया चैंपियन और अर्जुन अवार्डी सुभाष, अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र और राजीव तोमर ने कुश्ती में धूम मचाई तो गांव के नितिन तोमर ने विश्व कबड्डी चैंपियनशिप में जलवा बिखेरा। सुविधा के बारे में अर्जुन अवार्डी शौकेंद्र का कहना है कि फरवरी तक गांव में 45 लाख रुपये की लागत से खेल मैदान तैयार हो जाएगा। एशिया चैंपियन पहलवान सुभाष का कहना है गांव में सुविधा मिले तो यहां प्रतिभा की कमी नहीं है। कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर का कहना है कि प्रदेश सरकार से खिलाड़ियों को मदद नहीं मिल रही है। खेल का मैदान तैयार होने के बाद जरूर लाभ मिलेगा।
सात बीघा जमीन में खेल मैदान
अर्जुन अवार्डी और सपा नेता शौकेंद्र ने सात बीघा जमीन में खेल का मैदान बनाने का काम 45 लाख लागत से शुरू कराया है। इसमें युवा कुश्ती, वॉलीबाल, बैडमिंटन आदि का अभ्यास कर सकते हैं। शौकेंद्र के मुताबिक मैदान की चारदीवारी बन चुकी है। अब मिट्टी भराव चल रहा है। उन्होंने बताया मैदान में जिम की भी व्यवस्था होगी। यहां ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो बारिश में भी खराब नहीं होंगे। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच नियुक्त होंगे। शौकेंद्र की मांग पर बड़ौत में करीब साढे़ चार करोड़ की लागत से मल्टीपर्पज स्टेडियम बनाया जा चुका है।
गांव का नाम रोशन करने वाले पहलवान
सुभाष पहलवान - एशिया चैंपियन और अर्जुन अवार्डी (ओलंपियन 1988 और1992)
शौकेंद्र पहलवान - अर्जुन अवार्डी ओलंपियन (2004)
राजीव तोमर - अर्जुन अवार्डी ओलंपियन (2012)
संदीप तोमर- ओलंपियन (2016)
अंशु तोमर - अंतरराष्ट्रीय महिला मल्ल, यश भारती अवार्ड और भारत केसरी
प्रह्लाद तोमर - अंतरराष्ट्रीय पहलवान
अशोक - अंतरराष्ट्रीय पहलवान
नरेंद्र - अंतरराष्ट्रीय पहलवान
कबड्डी के प्रतिभाशाली खिलाड़ी
नितिन तोमर - अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी (विश्व कबड्डी चैंपियनशिप 2016)
विकास - अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ( मलेशिया में वर्ष 2011 और 12)
इरफान खान - अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ( मलेशिया में वर्ष 2011 और 12)
सचिन तोमर - सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी
रूपेश तोमर - सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी
संदीप तोमर - सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी
सोनू तोमर - सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी
अजय - सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी
सचिन - सीनियर राष्ट्रीय खिलाड़ी
नितिन तोमर, रूपेश, संदीप, इरफान खान और विकास प्रो कबड्डी में भी खेल चुके हैं।
गांव के पहलवानों की रंग लाएगी मेहनत
मलकपुर गांव में एक एशिया चैंपियन, तीन अर्जुन अवार्डी, एक यश भारती अवार्ड विजेता, एक भारत केसरी, 600 से अधिक सोने-चांदी के तमगे और अन्य पुरस्कार आ चुके हैं। वर्तमान समय में भी गांव के अखाड़ों में हजारों युवा पहलवान कुश्ती का अभ्यास कर अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। अखाड़ों के खलीफा युवा पीढ़ी को कुश्ती के अभ्यास कराने में जुटे हैं, उन्हें उम्मीद है कि गांव के पहलवानों की मेहनत रंग लाएगी।
गांव में हर साल होता है दंगल
एशियन चैंपियन सुभाष पहलवान की देखरेख में हर साल गांव बड़े स्तर पर दंगल का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सबसे बड़ी कुश्ती जीतने वाले पहलवान को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाता है। इसके अलावा विभिन्न भार वर्ग के विजेता पहलवानों को भी इनाम दिए जाते हैं। इसमें दिल्ली, हरियाणा, यूपी आदि राज्यों के पहलवान खेलने और कुश्ती देखने आते हैं।
प्रशासन ने नहीं की कोई मदद
ग्राम प्रधान कृष्णपाल ने बताया युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं दिलाने के लिए लगातार प्रशासनिक अफसरों से मदद मांगी जा रही है, लेकिन अफसरों ने आश्वासन दिया, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं की, जबकि केंद्र और प्रदेश सरकार की खेल या खिलाड़ी को प्रोत्साहित करने की कई योजना है। कुछ समाजसेवियों और खेल प्रेमियों की मदद से ही युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
जिले के गांव मलकपुर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां खेल मैदान के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। जल्द ही कार्य पूरा करा दिया जाएगा। - ह्दय शंकर तिवारी, डीएम, बागपत।