बागपत। जनपद में डेंगू व वायरल ने कहर बरपाया हुआ है। इसके चलते जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद चिकित्सक नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं। सोमवार को किसी चिकित्सक के कक्ष के बाहर छुट्टी पर होने का पर्चा लटका है तो कोई अपने कक्ष से नदारद है। नौ कक्षों में केवल चार में चिकित्सक मिले। इस कारण उपचार के लिए मरीज व तीमारदार भटकते रहे।
तीन चिकित्सक अवकाश पर रहे
दिवाली, गोवर्धन, भाई दूज व रविवार की लगातार चार छुट्टी के बाद सोमवार को जिला अस्पताल में चिकित्सक पहुंचने थे। हालांकि वे समय पर नहीं पहुंचे। इसके अतिरिक्त अस्पताल में नीचे डाक्टरों के नौ कक्ष हैं। इनमें से तीन पर चिकित्सक के छुट्टी पर होने के पर्चे लटके थे। वहीं, दो कक्षों से चिकित्सक दोपहर करीब 12.30 बजे नदारद थे। वहां मरीज कतार में खड़े परेशान थे। हालात ये थे कि उपचार कराने के लिए मरीज कई-कई घंटे से बैठे थे। कोई ज्यादा परेशानी होने के कारण इधर-उधर भटक रहे थे।
डीएम की सख्ती भी बेअसर
जिले में डेंगू व वायरल से लगातार मौत हो रही हैं। वहीं, मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद चिकित्सकों के नहीं मिलने पर अस्पताल में मरीजों को परेशानी हो रही है। ये हालात तब है जब डीएम राजकमल यादव ने पंद्रह दिन पहले खुद अस्पताल में जाकर चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टर से लगाने के आदेश दे चुके हैं। इसके बाद भी कई-कई चिकित्सक छुट्टी पर हैं। इस तरह डीएम की सख्ती भी बेअसर दिख रही है।
पुत्र को लेकर भटकता रहा इंतजार
जिला अस्पताल में ग्राम बिलौचपुरा निवासी इंतजार अपने पुत्र आदिल को लेकर आया। उसकी हालत काफी खराब थी। वह उपचार के लिए भटकता रहा। उसने चिकित्सकों के नहीं मिलने पर ऐतराज जताया।
परेशानी झेलनी पड़ी
अग्रवाल मंडी टटीरी का शमशेर अपने बेटे शाहिद के सीने में दर्द के चलतेे उपचार कराने आए थे। वे घंटों तक चिकित्सक का इंतजार करते रहे। इसको लेकर उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
मरीजों की लंबी कतार रही
ग्राम बावली निवासी इंतजार दो घंटे से चिकित्सक की प्रतीक्षा में बैठा था। पहले चिकित्सक मौजूद नहीं थे। इसके बाद चिकित्सकों की कमी के कारण लंबी लाइन लग गई।
अस्पताल में कुछ डाक्टरों ने छुट्टियों में ड्यूटी की थी, इसलिए वे अवकाश पर हैं। इस कारण कुछ समस्या हो रही है। मरीजों का उपचार सही तरीके से किया जा रहा है। किसी को भी समस्या नहीं होने दी जाएगी। डॉ. एके सैनी, सीएमएस