कांवड़ियों द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी वहं कोई सांप व अन्य जंतु दिखाई नहीं दिया। इसके बाद कांवड़िये उठकर नहाने के बाद चलने की तेयारी करने लगे तो अमित को गर्दन में दर्द होकर चक्कर आने शुरू हो गए इस पर उसके साथी कांवड़िये उसे सीएचसी बिनौली लेकर पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उपचार करते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने कांवड़िये अमित को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उसे बड़ौत के आस्था और मेडिसिटी अस्पताल लेकर पहुंचे और चिकित्सकों को उसे सांप के काटने की जानकारी दी। जिस पर चिकित्सकों ने उन्हें स्नेक बाइट का उपचार नहीं होने की बात कही। इसके बाद परिजन उसे बावली व तितरवाड़ा गांव में सर्प दंश के झाड़ फुख करने वालों के पास लेकर पहुंचे तो वहां भी उसका कोई इलाज नहीं हो सका तो परिजन उसे सोनीपत के एक अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कांवड़िये की सर्प दंश से मौत की सूचना पर बिनौली थाने से एसआई धीरज सिंह मृतक का पंचायतनामा भरने सोनीपत पहुंचे। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित गुप्ता ने कहा कि कांवड़िये की गर्दन पर संर्प दंश का कोई निशान नहीं था। हो सकता है उसे किसी अन्य जहरीले जीव ने काटा हो।