संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर। आम की फसल पर फल मक्खी कीट का खतरा बढ़ गया है। इससे बागान मालिकों की परेशानी बढ़ गई है। अब बागान मालिक आम की फसल को फल मक्खी कीट से बचाव में जुट गए है। उधर, जिला उद्यान विभाग के अधिकारी भी किसानों को जागरुक कर रहे है।
रटौल क्षेत्र में सबसे ज्यादा आम के बाग है। यहां से देश और विदेश तक आम की सप्लाई होती है। अब आम की फसल का सीजन चल रहा है। फलों को खराब करने वाली फल मक्खी कीट का खतरा भी बढ़ गया है। फल मक्खी कीट को लेकर किसानों को चिंता सताने लगी है और अब किसान उपाय करने में जुट गए है जो सुबह के समय खेतों में जाकर दवा छिड़काव करने को मजबूर है। बागवान मिंटू चौधरी, सलीम ठेकेदार ने बताया कि हर साल आम की फसल दिल्ली व दूसरे जनपदों में पहुंचाते है, लेकिन इस बार फल मक्खी कीट परेशानी का सबब बनी हुई है। इससे बचाव के लिए प्रयास भी किए जा रहे है, लेकिन राहत नहीं मिल रही।
उधर, जिला उद्यान अधिकारी ने दिनेश अरूण ने बताया कि आम की फसल फल मक्खी कीट से बचाने के लिए मिथाईल यूजिनॉल एक प्रतिशत, मैलथियान दो प्रतिशत का घोल बनाकर डिब्बों में भरकर आठ-दस जगहों पर पेड़ पर लटका दें। इससे फल मक्खी कीट का प्रभाव कम हो जाएगा और आम की फसल बचाई जा सकेगी।
नौ किसानों को मिलेगा जड़ी बूटी उगाने का प्रशिक्षण
बागपत। जिला उद्यान अधिकारी दिनेश अरुण ने बताया कि राज्य आयुष मिशन योजना के तहत जिले में नौ किसानों को जड़ी बूटी फसल उगाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 20 जून तक किसान आवेदन कर सकते है।