संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। गौरीपुर जवाहरनगर गांव के प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह के पास 18 महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंची। मगर, एक भी शिकायत का समाधान नहीं कराया जा सका। उधर, जिन विभागों पर समस्या के समाधान नहीं करने का आरोप लगा था, अब उन्हें विभागों के अफसरों को दोबारा शिकायत भेज दी गई है।
मिशन शक्ति अभियान के तहत बुधवार को गौरीपुर ज्वाहरनगर गांव में महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने जन चौपाल लगाई। उन्होंने महिलाओं को शासन से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। विभागीय अफसरों को पात्र महिलाओं को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद जनसुनवाई में जिले भर से 18 पीड़िताएं अपनी फरियाद लेकर पहुंची। सुनवाई करने के बाद तीन शिकायतें वन स्टॉप सेंटर, जबकि 15 शिकायतें सीओ, थाना पुलिस को भेज दी। इसमें अधिकांश शिकायतों में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पीड़िताओं को इंसाफ नहीं मिला और थानों पर चक्कर लगाने के बाद आयोग की उपाध्यक्ष के पास पहुंची थी। यहां से अधिकांश शिकायतें उन्हें अधिकारियों के पास भेज दी गई। इस दौरान प्रभारी डीडीओ बीबी सिंह, एसीएमओ डा. गजेंद्र सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी तूलिका शर्मा, दीपांजलि, ग्राम प्रधान सहित अन्य मौजूद रहे।
मेरी मां व भाई को जेल भिजवा दिया, मुझे इंसाफ दिला दो
शहर की एक कॉलोनी की रहने वाली विवाहिता ने बताया कि उसकी शादी कैराना के युवक से हुई थी। उत्पीड़न होने पर चार माह पहले वह मायके आ गई और महिला थाने में ससुराल वालों पर मुकदमा दर्ज करा दिया। आरोप लगाया कि मुकदमे में समझौता न करने पर ससुराल वालों ने कैराना थाने में एक मुकदमा दर्ज कराकर उसकी मां और भाई को जेल भिजवा दिया। पीड़िता ने आयोग की उपाध्यक्ष से न्याय दिलाने की मांग की।
कार्रवाई के लिए रुपये मांगे
बड़ौत की रहने वाली युवती ने शिकायत में बताया कि उनके पड़ोसियों ने जातिसूचक शब्दों के साथ उसे गालियां दी और पिटाई करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए। मुकदमा भी दर्ज कराया गया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि सीओ कार्यालय पर तैनात एक कर्मचारी ने उससे रुपये भी मांगे। रुपये नहीं देने पर कार्रवाई अटकी हुई है। पीड़िता ने इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई।
बच्चों के फोन पर अभिभावक रखे नजर
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर अभिभावकों से भी जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों के मोबाइल फोन पर नजर रखनी चाहिए, ताकि उन्हें गलत संगत से रोका जा सके।
थानों में लंबित प्रकरणों पर जताई नाराजगी
आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि बागपत जनपद में अधिकांश मामलों में मुकदमे तो दर्ज मिले, लेकिन कार्रवाई थाना स्तर पर लंबित मिली। इसके लिए पीड़िताएं लगातार न्याय की आस में इधर उधर भटक रही है। उन्होंने मुकदमों के विवेचकों को कार्यशैली में सुधार लाने की नसीहत दी।