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सोने की खरीद

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महंगा हुआ सोना तो दुल्हन के जेवरों
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में शुद्धता से करना पड़ रहा समझौता
22 नहीं, अब 20 और 18 कैरेट सोने में बनवा रहे आभूषण
कैरेट भाव शुद्धता
24 54000 99.9
22 49680 91.67
20 45360 83.33
18 40500 75.00
(भाव रुपये प्रति दस ग्राम और शुद्धता सोने की मात्रा प्रतिशत में)
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सोने के भाव बढ़े तो बाजार का ट्रेंड भी बदल रहा है। इस समय सहालग चल रहा है और लोग बढ़ती कीमतों के चलते वजन से तो समझौता नहीं कर रहे लेकिन आभूषणों में सोने की मात्रा से समझौता करना पड़ रहा है। 22 कैरेट के बजाए 20 और 18 कैरेट सोने के जेवर दुल्हन को दे रहे हैं। 20 कैरेट के जेवरों में सोने की मात्रा 83 और 18 में 75 प्रतिशत होती है।
जनपद में लगभग 550 सराफ की दुकानें हैं। बढ़ती महंगाई और सोने के भाव का असर बाजार के ट्रेंड पर भी पड़ रहा है।
सराफ सौरभ जैन ने का कहना है कि लॉकडाउन ने ज्वेलरी कारोबार की कमर तोड़ दी थी। अब हालत सामान्य है, लेकिन अब सोने के बढ़ रहे दाम मुश्किल बढ़ा रहे हैं। इस समय बाजार में 20 और 18 कैरेट में बने सोने के जेवरातों की मांग अधिक है।प्रभात कुमार जैन ने बताया कि सोने का दाम बढ़ने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। कस्बा निवासी आभा जैन व सपना का कहना है कि सोने की कीमतें इतनी ज्यादा हो गई हैं कि अब सोना खरीदना मुश्किल हो गया है। पहले त्योहार पर सोना खरीदते थे, पर अब आसान नहीं है। अंजु शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार को सोने की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास करना चाहिए, महिलाओं को सोने के आभूषण बहुत प्रिय होते हैं।
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एचयूआईडी हॉल मार्क से शुद्धता की पहचान
पहले शुद्धता मापने के लिए हॉल मार्क लगाया जाता था, लेकिन अब सरकार की ओर से इसे एचयूआईडी हॉल मार्क दिया गया है। एचयूआईडी हॉल मार्क में गहनों पर एक यूनिक आईडी भी दी जाती है। इससे एचयूआईडी की साइट पर जाकर डाला जाए तो गहने की पूरी डिटेल मिल जाती है कि यह कहां से बना और कितने कैरेट का है।
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पक्का बिल लें तो नहीं होगी धोखाधड़ी
कुछ गहनों को बिना बिल ही बेच देते हैं, वहां पर सोने में गड़बड़ी की ज्यादा आशंका होती है। पक्का बिल लेने पर कोई भी सराफ गहने में गड़बड़ी करने से बचता है। बिल के साथ गहने की जांच कराई जा सकती है। गड़बड़ी आने पर सराफ ही जिम्मेदार होगा। हालांकि अधिकांश जगहों पर हॉल मार्क वाले गहने ही बेचे जा रहे हैं।
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