बागपत के कोतवाली क्षेत्र के एक कस्बे में युवती का अपहरण कर दूसरे वर्ग के दो युवकों ने उसे रस्सी से बांधकर सामूहिक दुष्कर्म किया। परिजनों ने युवती को बंधन मुक्त कराया। घटना की जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता एकत्र हो गए। कार्यकर्ता परिजनों को थाने लेकर पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कस्बा निवासी दंपती अपने पुत्र के साथ सोमवार को खेत में गेहूं की कटाई करने गए थे। घर में उनकी 18 वर्षीय बेटी ही थी। उसे गांव के ही व्यक्ति से दूध के पैसे लाने को माता-पिता ने कहा था। जब वह दूध के पैसे लेने जा रही थी तो रास्ते में ही दूसरे वर्ग के दो युवकों ने उसका अपहरण कर लिया और अपने किराए के मकान पर ले गए। आरोप है कि युवती को रस्सी से बांधकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मां-बाप जब घर पहुंचे तो उन्हें युवती नहीं मिली।
किसी ग्रामीण ने बताया कि उसकी युवती को दोनों युवक लेकर जा रहे थे। जब वह दोनों आरोपियों के घर पहुंचे तो वहां बाहर से ताला लगा था। अंदर उनकी पुत्री की रोने की आवाज आ रही थी। भीड़ एकत्र होने पर पड़ोसी चाबी लेकर पहुंचे। उन्होंने दबाव पड़ने पर ताला खोला तो दोनों आरोपी भाग निकले। वह अपनी पुत्री को बंधन मुक्त कर घर ले आए। पीड़ित पिता ने दोनों आरोपियों और उनकी मदद करने वाले दंपती के खिलाफ तहरीर दी है।
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इस दौरान उनके साथ हिंदू संगठनों से भूपेंद्र सिंह चौहान, राकेश आर्य, मनोज आर्य, प्रियंका आर्य, हिंदू जागरण मंच से कपिल शर्मा, अशोक, सतवीर, कपिल प्रजापति, राजीव राजपूत मौजूद रहे। इंस्पेक्टर एनएस सिरोही का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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