भगोट, रटौल व शबगा गांव में ग्रामीणों ने कैंप लगाने व एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेसी
चांदीनगर/छपरौली। चांदीनगर क्षेत्र के ग्राम भगोट, रटौल व शबगा में बुखार से एक बुजुर्ग समेत चार लोगों की मौत हो गई। इससे ग्रामीणों में दहशत है। उन्होंने गांव में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने व एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है।
भगोट निवासी खजान (70) पुत्र निनाई एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। उसका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। शनिवार देर रात हालात बिगड़ने पर मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार बुजुर्ग की प्लेटलेट्स लगातार घट रही थीं। चिकित्सक ने उसे डेंगू बताया था। मौत की जानकारी पाकर परिजनों में कोहराम मच गया। ग़मगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, रटौल निवासी इस्लामुद्दीन (80) की रविवार रात बुखार से मौत हो गई। वह पिछले 15 दिनों से बीमार चल रहा था। उसका निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। सलीम, जावेद, सोनू, दीपक ने स्वास्थ्य विभाग से कैंप लगवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई सरकारी अस्पताल नहीं है। लोगों को इलाज कराने के लिए निजी चकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण कृपाल सिंह, यतेंद्र बंसल, गजराज सिंह, अनिल कुमार, तेजपाल, जयदेव सिंह व जगत सिंह गांव में स्वास्थ्य शिविर व एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है। उधर, शबगा गांव में बुखार से दो लोगों की मौत हो गई। गांव का हरपाल शर्मा पिछले कई दिन से दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में भर्ती था। सोमवार सुबह मृतक का शव गांव में लाया गया। इसके अतिरिक्त गांव के पवन की बुखार से दो दिन पहले मौत हो गई थी। गांव में बुखार का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने गांव में कैंप लगाकर लोगों की जांच कराने व फॉगिंग कराने की मांग की है।