बागपत। ग्राम निबाली में कांग्रेस नेता मनोज कुमार की वर्ष 2004 में हुई हत्या के मामले में अदालत ने भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर समेत चार को दोषमुक्त किया है। जिलाध्यक्ष के पिता व भाई की केस की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
निबाली गांव निवासी कांग्रेस नेता मनोज कुमार का 29 अक्तूबर 2004 को कार सवार लोगों ने बली के प्राथमिक पाठशाला के पास से अपहरण किया था। मनोज के पिता रणजीत सिंह ने भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, उनके भाई अजब सिंह, पिता अमर सिंह, भतीजे नीटू के अतिरिक्त संजय व अशोक पर फायरिंग कर पुत्र मनोज कुमार का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए अगले दिन बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
उसी दिन शाम को मीतली में ईख के खेत में मनोज कुमार का गोली लगा शव मिला था। इस मामले में आरोपी पक्ष के अधिवक्ता रामपाल सिंह नेहरा व जसपाल राणा के अनुसार मुकदमे की पुलिस व सीबीसीआईडी ने विवेचना करके सभी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। केस की सुनवाई के दौरान अजब सिंह व अमर सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस वक्त जिला न्यायाधीश सुधीर कुमार की अदालत में सुनवाई चल रही थी। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, उनके भतीजे नीटू के अतिरिक्त संजय व अशोक को दोषमुक्त किया है।