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बुखार का कहर: एक व्यक्ति की मौत, 50 से ज्यादा अभी बीमार, अस्पताला में भरे बैड

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बागपत जिला अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित मरीज - फोटो : BAGHPAT
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- अब्दुल्लापुर मेवला में बुखार से व्यक्ति की मौत हुई, बागपत समेत बड़ौत व चांदीनगर में बढ़ रही मरीजों की संख्या
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- बड़ौत में डेंगू से महिला की मौत के बाद दौड़ा स्वास्थ्य विभाग, कश्यप मोहल्ला व चमरावल में कैंप लगाकर की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत/चांदीनगर। जिले में बुखार कहर बरपा रहा है तो अब डेंगू का डंक भी जानलेवा होने लगा है। बुखार से अब्दुल्लापुर मेवला में एक व्यक्ति की मौत हो गई तो बागपत, बड़ौत व चांदीनगर क्षेत्र में 50 से ज्यादा बीमार है। इस कारण ही जिला अस्पताल में बेड भी भर गए है। बड़ौत में डेंगू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और कश्यप मोहल्ले में कैंप लगाकर जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चमरावल गांव में भी लोगों की जांच करने के लिए कैंप लगाया।
बड़ा खिंदौड़ा निवासी मौलाना रोजुद्दीन (40) कई साल से अब्दुल्लापुर मेवला में एक मस्जिद में रहता था। वह दस दिन से बुखार से पीड़ित था। उसकी सोमवार देर रात मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया। इसके अलावा गांव में कई अन्य लोग बीमार है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के तालाब में गंदगी का ढेर लगा है, जिससे पानी रास्तों में भर जाता है और नलों से दूषित पानी निकल रहा है। इस कारण ही गांव में बीमारी पनप रही है और अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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जिला अस्पताल में बुखार के 40 मरीज भर्ती
जिला अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज ऐसे पहुंच रहे है, जिनको बुखार है। इनमें से कई को हालत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है। जिला अस्पताल में इस समय करीब 40 मरीज भर्ती है। यहां सभी बेड भी भर गए है। मरीजों के साथ आए परिजनों ने बताया कि पिछले कई दिन से बुखार नहीं उतरने पर अस्पताल में लेकर पहुंचे है। अस्पताल में उपचार किया जा रहा है, लेकिन हालत में ज्यादा सुधार नहीं हो रहा है। कभी सर्दी के साथ बुखार चढ़ जाता है तो कुछ देर के लिए कई बार बुखार उतर जाता है। इस तरह से मरीजों के साथ ही परिजनों की परेशानी भी बढ़ रही है।
कश्यप मोहल्ले में करीब दस लोग बीमार
बड़ौत। कश्यप मोहल्ले में बुखार से सुशीला पत्नी राजकुमार, महक पुत्र श्रीचंद, विष्णु पुत्र गौरव, क्रिश पुत्र लोकेश, प्रेम पत्र जगदीश प्रसाद के अलावा लवकुश, पंडित हरिहर प्रसाद, मुनेश, लता आदि बीमार है। इनमें से कई का मेरठ सहित दिल्ली व नगर के ही निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बीमार लवकुश पुत्र रमेश चंद ने बताया कि 15 दिनों से बुखार आ रहे है। बुखार चढ़ता व उतरता रहता है। पंडित हरिहर प्रसाद शास्त्री ने बताया कि एक सप्ताह से बुखार तेजी से चढ़ता है और सर्दी लगने लगती है। कई बार निजी अस्पताल में चिकित्सकों से दवाईयां भी ली। मुनेश व लता ने भी बुखार, खांसी व जुकाम की शिकायत बताते हुए जांच कराई और दवाई ली।
महिला की डेंगू से मौत होने पर दौड़ा स्वास्थ्य विभाग
फोटो संख्या बीडीटी 1
बड़ौत नगर में कश्यप मोहल्ले में डेंगू से किरणो पत्नी महेंद्र की मौत हो गई थी। इस सूचना पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बुधवार को एसीएमओ डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार, डॉ. सुरुचि, डॉ. दिग्विजय समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम कश्यप मोहल्ले में पहुंची और कैंप लगाकर लोगों की जांच की। कैंप में 77 लोग आए, जिनमें से मलेरिया व डेंगू जैसे लक्षण दिखने वाले 33 लोगों की जांच की गई। टीम ने किरणो के घर जाकर परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने बताया कि निजी अस्पताल में जांच के दौरान डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। टीम ने मृतका के मकान की बराबर से खाली जगह पर रखे मटके में एकत्रित पानी का सैंपल लिया और लोगों से आसपास गंदा पानी एकत्रित न करने की अपील की। सीएचसी अधीक्षक डा. विजय कुमार ने बताया कि कैंप लगाकर 33 लोगों की जांच की गई। इन लोगों में मलेरिया व डेंगू के लक्षण दिखाई दे रहे थे। अन्य लोगों को दवाईयां वितरित की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने चमरावल गांव में लगाया स्वास्थ्य जांच शिविर
चांदीनगर। चमरावल गांव में बुखार से महिला की मौत व बुखार से पीड़ित लोगों की खबर प्रकाशित होने पर पिलाना स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। टीम ने गांव के पंचायत घर में शिविर लगाकर मरीजों की जांच कर दवाई वितरित की। कैंप में 22 मरीजों की मलेरिया, डेंगू, टायफाइड की जांच के लिए नमूने लिए गए है। शिविर में करीब 98 मरीजों को दवाई बांटी गई। ज्यादातर मरीज चर्म रोग व पेट दर्द के मिले है। शिविर में डॉ. अजय कुमार , डॉ. दिनेश, डॉ. नीरज आदि मौजूद रहे।
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आयुर्वेद के सहारे भी बचाव, खानपान का रखे ध्यान
आयुर्वेद विभाग में चिकित्सक डा. मीनाक्षी रानी ने बताया कि बुखार को देखते हुए आयुर्वेदिक विभाग की ओर से काढ़ा दिया जाता है, जो बुखार सहित अन्य कई बीमारियों में लाभदायक होता है। इसके अलावा गिलोय का रस सुबह-शाम लेने से बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में तरल पदार्थ ज्यादा लेने चाहिए तो खानपान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर किसी जगह दवाई का छिड़काव नहीं हुआ है तो वहां फिलहाल नीम के पत्तों का घोल बनाकर छिड़काव किया जा सकता है।
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