बागपत। जिले में सोमवार रात हुई बारिश से तापमान गिरने से जहां लोगों को ठंड का अहसास हुआ। वहीं तेज हवा के कारण बिजली के तार टूटने से 50 से ज्यादा गांवों में बिजली सप्लाई ठप हो गई। इस कारण मंगलवार को लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ी। उधर, बारिश व तेज हवा के कारण धान की फसल गिरने से किसानों का नुकसान हुआ।
यहां सोमवार सुबह मौसम में बदलाव हुआ था। आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवा चलती रही। सोमवार रात बारिश शुरू हो गई और तेज हवा से तापमान काफी गिर गया। जिले में सोमवार को नौ एमएम बारिश हुई है। जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री से गिरकर 26 तक पहुंच गया और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री रिकार्ड किया गया। बारिश व हवा के बाद लोगों को ठंड का अहसास हुआ।
तेज हवा में टूटे बिजली के तार, आपूर्ति ठप रही
अमीनगर सराय। जिले में सोमवार रात तेज हवा में अमीनगर सराय समेत कई जगह बिजली के तार टूट गए, जिससे अमीनगर सराय की आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार को सूचना पर पहुंचे ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने तार जोड़कर कस्बे की सप्लाई शुरू कराई। तार टूटने के कारण कस्बे में लगातार आठ घंटे तक बिजली की सप्लाई ठप रही। सुबह के समय बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ा। कस्बे के लोगों ने जनरेटर से पेयजल की व्यवस्था की। इसके अलावा बागपत व बड़ौत क्षेत्र के करीब 50 गांवों में बिजली की लाइन में फाल्ट आने से आपूर्ति ठप हो गई।
धान की फसल गिरने से प्रभावित होगा उत्पादन
खेकड़ा। कृषि वैज्ञानिक डॉ़ अंकिता नेगी का कहना है कि धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है। सोमवार रात बारिश और तेज हवा के कारण फसल गिर गई है। फसल गिरने से बाली में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है और दाना खराब होने से फसल का उत्पादन प्रभावित होता है। इसके अलावा हवा में गन्ने की फसल गिरने से थोड़ा नुकसान होने की आशंका है।