इसका लाभ आग बुझाने वाले सिलिंडरों को रिफिल करने वाले उठा रहे हैं। ऐसा करके वे बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूलों व अस्पतालों से सिलिंडरों की मांग देखते हुए ये लोग बिना दमकल विभाग से जांच कराए सिलिंडर सप्लाई कर रहे हैं। इससे भी हैरानी की बात यह है कि जिस चालान फार्म पर दमकल विभाग की मुहर व सिलिंडर के दुरुस्त होने की पुष्टि करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। वहां रिफिलिंग करने वाले लोग अपनी मुहर व हस्ताक्षर कर रहे हैैं।
बढ़ा दिए रिफिलिंग के रेट
चमरावल के रॉयल कान्वेंट इंटर कॉलेज में हादसे के बाद जिला प्रशासन सख्त हुआ तो आग बुझाने वाले सिलिंडरों की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे मेें रिफिलिंग का रेट भी बढ़ा दिया है। सिलिंडर रिफिलिंग रेट 400 से बढ़ाकर 750 रुपये का रेट कर दिया है।
ये बोले एफएसओ
एफएसओ दुष्यंत शर्मा का कहना है कि रिफिलिंग करने वाले लोग बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर हैं। जांचकर्ता के हस्ताक्षर व मुहर बिना सिलिंडर सप्लाई करना अपराध है। स्कूूलों व अस्पतालों की जांच के दौरान कई ऐसे मामले पकड़े गए। वहां रिफिल करने वालों ने विभाग की मुहर व हस्ताक्षर की बजाए चालान हेड पर अपनी मुहर व हस्ताक्षर कर रखे हैं। यह मामला डीएम व एसपी के समक्ष रखा जाएगा। जिससे ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।