छपरौली व पिलाना में मिले थे बिना मान्यता के सबसे ज्यादा स्कूल
शिक्षा विभाग ने तीन साल पहले जब निरीक्षण शुरू कराया था। छपरौली ब्लॉक में सबसे ज्यादा बिना मान्यता के 56 स्कूल संचालित होते मिले थे। पिलाना ब्लॉक में 52, बड़ौत ब्लॉक में 41 स्कूल, बिनौली ब्लॉक में 38 और बागपत ब्लॉक में 37 स्कूल बिना मान्यता संचालित हो रहे थे। खेकड़ा ब्लॉक में 33 स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे थे।
11 हजार से ज्यादा छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
इस वक्त 150 से ज्यादा स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इनमें करीब 11 हजार छात्रों को पढ़ाया जा रहा है। इन स्कूलों में सबसे बड़ा खेल यह किया जा रहा है कि किसी के पास एक भी कक्षा की मान्यता नहीं है, जबकि उसने अपने सभी छात्रों का एडमिशन आसपास के दूसरे स्कूल में दिखाया हुआ है।
किसी ने कक्षा छह से आठवीं की मान्यता लेकर 12वीं तक कक्षाएं संचालित की हुई है। मान्यता से अलग चलाई जा रही कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का एडमिशन किसी अन्य स्कूल में दिखाया गया है।
स्कूलों का निरीक्षण शुरू हो चुका है। यह निरीक्षण हर गांव में किया जा रहा है। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों पर जुर्माना लगाने के साथ ही सील लगाई जाएगी और उनके संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - राजकमल यादव, जिलाधिकारी