अमर उजाला लाइव
- बढ़ती बीमारियों के कारण जिला अस्पताल में उपचार कराने को पहुंच रही मरीजों की भीड़
- डाक्टर सुबह को देरी से पहुंचने के साथ ही एक घंटा पहले ही चले जाते है लंच के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बारिश के बाद जिस तरह से बीमारियां फैल रही है, उससे जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1200 मरीज पहुंच रहे है। इसके बावजूद मरीजों को देखने की जगह अधिकतर चिकित्सक सोमवार को अपने कक्षों से नदारद रहे। इससे मरीज और तीमारदार भटकते रहे। हालात यह थे कि एसडीएम की माता तक को काफी देर तक बैठकर डाक्टर का इंतजार करना पड़ा।
सुबह नौ बजे तक भी नहीं पहुंचते कई चिकित्सक
जिला अस्पताल में कई चिकित्सक सुबह को नौ बजे तक भी नहीं पहुंचते है, जबकि वहां आठ बजे ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है। इससे मरीजों को घंटेभर तक सुबह के समय बैठकर डाक्टर का इंतजार करना पड़ता है। भीड़ बढ़ने के कारण मरीजों को परेशानी भी होती है। इसके बाद लंच का समय दोपहर दो बजे है, लेकिन कई डाक्टर दोपहर एक बजे ही उठकर चले जाते है। सोमवार दोपहर को एक बजे ही फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ समेत कई डाक्टर अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे। मरीज उनके इंतजार में बैठे हुए थे। इस तरह से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिले में लगातार मौत होने के बाद भी लापरवाही
बारिश के बाद जलभराव से मच्छर पनप रहे है, जिससे बीमारियां फैल रही है। इसके अलावा मौसम के बदलाव के कारण भी बीमारियां बढ़ रही है। बुखार से लगातार मौत भी हो रही है तो कई लोग पीड़ित है। इस तरह ही बच्चे भी काफी बीमार हो रहे है। इसके बावजूद भी चिकित्सक लापरवाही बरत रहे है और अपने कक्ष से नदारद हो जाते है।
क्या कहते है मरीज और तीमारदार
जिला अस्पताल में 12 दिन के बच्चे को उपचार कराने आए सरूरपुर गांव के इरशाद का कहना था कि डाक्टर का काफी देर से इंतजार कर रहा हूं। लेकिन डाक्टर मौजूद नहीं थे, जिससे परेशानी उठानी पड़ी।
एसडीएम की माता सुषमा सिंह ने बताया कि आंखों की समस्या थी तो उसके लिए करीब डेढ़ बजे जिला अस्पताल में पहुंची थी। उनको बताया गया कि डाक्टर खाना खाने गए है, जिससे वह भी काफी देर तक डाक्टर के इंतजार में बैठी रही।
बागपत की सुशीला व हमीदा का कहना था कि वह कमर में दर्द होने के कारण डाक्टर को दिखाने के लिए पहुंची थी। लेकिन डाक्टर के नहीं होने के कारण घंटों तक बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। वहां घंटों तक चिकित्सक गायब रहे।
जिला अस्पतान में सभी डाक्टर समय पर बैठते है। एक डाक्टर की कोर्ट में तारीख थी तो वह वहां गए थे। अगर कोई मौजूद नहीं था तो उसका पता कराया जाएगा कि आखिर किस कारण से वह नहीं थे। एसडीएम की माता का उपचार भी कराया गया था। - डा. बीएल कुशवाहा, सीएमएस, जिला अस्पताल।