दोघट/चांदीनगर (बागपत)। जिले में डेंगू का कहर कम नहीं हो रहा है। इससे लगातार मौत हो रही हैं तथा मरीज भी मिल रहे हैं। यहां निरपुड़ा गांव में डेंगू से व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, चांदीनगर क्षेत्र केब गांवों में डेंगू के करीब छह मरीज मिले हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में जांच शिविर लगाने की मांग की है।
निरपुड़ा गांव में राजेंद्र को दो दिन पहले बुखार आया था। उनका परिजनों ने उपचार कराया परंतु उनकी सोमवार को मौत हो गई। परिजनों ने डेंगू के कारण उनकी मौत होने की जानकारी दी है। उनकी मौत से गांव में शोक की लहर है। पूर्व प्रधान कृष्णपाल राणा, निश्चय राणा, जसपाल सिंह, बृजपाल सिंह, हरवीर सिंह आदि ने शिविर लगाकर जांच की मांग की है।
वहीं, चांदीनगर क्षेत्र के रटौल, लहचौड़ा, मंसूरपुर, विनयपुर गांवों में करीब छह लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है। फुलेरा के लक्ष्य (13) पुत्र योगेंद्र, लहचौड़ा निवासी खुशी (17) पुत्री कपूर, कृष्ण (15) पुत्र कपूर, विनयपुर निवासी आंशिक (8) पुत्री दर्शन, मंसूरपुर निवासी अंश (10) पुत्र रणपाल निवासी, रटौल निवासी अमजद (25) को डेंगू की पुष्टि हुई है। सभी का इलाज निजी चिकित्सक के यहां चल रहा है। वहीं, गांवों में करीब एक दर्जन से अधिक बुखार से पीड़ित हैं। रटौल के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गलियों में दूषित पानी जमा होने से बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीण शहजाद, सतीश, कपिल, ओमपाल, अंकुर शर्मा, संदीप, सोनू, राजवीर, जावेद आदि ने गांव में जांच शिविर लगाने के साथ ही फॉगिंग कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य शिविर लगाया
चांदीनगर। फुलेरा गांव में डेंगू से मधु पत्नी मुकेश यादव की मौत हो गई थी। मौत का सिलसिला जारी रहने से स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मच गया। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में घर-घर सर्वे किया। वहीं, शिविर लगाकर मरीजों को जांचकर दवा दी। शिविर में करीब 46 मरीजों ने इलाज कराया। इस दौरान खेकड़ा सीएचसी अधीक्षक डॉ. ताहिर, डॉ. सुरूचि, डॉ. मीना, डॉ. मिटू सिंह आदि मौजूद रहे।
बुखार से पीड़ित बालक- फोटो : BAGHPAT
फुलेरा गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में मरीज के स्वास्थ्य की जांच करते चिकित्सक- फोटो : BAGHPAT