बागपत के खेकड़ा क्षेत्र के बड़ागांव में मंगलवार को पूरी तरह शांति कायम रही। पुलिस और पीएसी के जवान दिन भर गांव के साथ ही जैन मंदिरों में गश्त करते रहे। कोतवाली पुलिस ने जैन श्रद्धालुओं पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
बड़ागांव स्थित श्री पार्श्वनाथ अतिशय क्षेत्र प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में 15 अगस्त को पारस प्रभु का निर्वाण महोत्सव मनाया जा रहा था। महोत्सव में बड़ौत निवासी सैकड़ों जैन श्रद्धालु भी शामिल हुए थे। मंदिर के बाहर बड़ागांव निवासी युवक नदीम बिरयानी के ठेले पर जैन शिकंजी बेच रहा था। आरोप है कि विरोध करने पर उसने 70-80 लोगों को बुलाकर जैन श्रद्धालुओं पर तलवार, लाठी-डंडों, पेट्रोल बम आदि से हमला किया था। तमंचों से फायर भी किए गए थे। साथ ही पथराव कर श्रद्धालुओं की बसों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।
वहीं हमले में एक दर्जन से अधिक श्रद्धालु चोटिल हुए थे। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आठ हमलावरों को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। इस हमले के बाद से गांव में तनाव बन गया था। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं।
मंगलवार को गांव में पूर्ण रूप से शांति रही। पुलिस और पीएसी के जवान जैन मंदिर के साथ ही गांव में दिन भर गश्त करते रहे। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने फरार हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए उनके मकानों के साथ ही कई संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा।
पुलिस क्षेत्राधिकारी युवराज सिंह का कहना है कि हमलावर आरोपी गांव से फरार है। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।